करनाल-हरियाणा

करनाल में आयोजित नशे के विरुद्ध 190वे जागरूकता कार्यक्रम में 216 विद्यार्थियों ने नशा न करने की ली सौगंध

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रिपोर्ट
एस आर योगी

करनाल में आयोजित नशे के विरुद्ध 190वे जागरूकता कार्यक्रम में 216 विद्यार्थियों ने नशा न करने की ली सौगंध

हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो द्वारा 570 से अधिक लोगों को नशा मुक्त किया- डॉ. अशोक

करनाल। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 12 जून से 26 जून तक चलाए जा रहे विशेष पखवाड़े के अंतर्गत आज हरियाणा राज्य नारकोटिक्स ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री ओ.पी. सिंह साहब के दिशानिर्देशों एवं पुलिस अधीक्षक सुश्री पंखुड़ी कुमार के मार्गदर्शन में नशे के विरुद्ध 190 वां जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम उच्चाधिकारियों के आदेशों से हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कण्ट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी/उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा द्वारा औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान बसताड़ा में किया गया। संस्थान के जीआई दिनेश कुमार की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम हुआ जिसमें 216 विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षकों ने भाग लिया। ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम एवं पुनर्वास प्रभारी डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने उपस्थित विद्यार्थियों को नशे के विरुद्ध विस्तारपूर्वक जागरूक किया और बताया कि प्रतिबंधित नशा स्वापक औषधि एवं मन प्रभावी पदार्थ अधिनियम संख्या 61 वर्ष 1985 के अंतर्गत पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। डॉ. वर्मा ने कहा कि प्रतिबंधित नशा रखना, सेवन करना, क्रय और विक्रय करना दंडनीय अपराध है। उन्होंने ब्यूरो के हेल्पलाइन नंबर 9050891508 का वर्णन किया और कहा कि इस पर गुप्त सूचनाएं देकर नशा मुक्त हरियाणा अभियान में सहयोग करें। उन्होंने दूसरी प्रकार के नशा पर चर्चा करते हुए कहा कि बीड़ी सिगरेट तम्बाकू हुक्का आदि बहुत ही क्षति कारक नशे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार औसतन प्रति वर्ष संसार में 80 लाख लोग मरते हैं जबकि भारत में 19 लाख लोग औसतन मरते हैं। एक स्थान पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़े कहते हैं कि भारत में प्रतिदिन 5002 लोगों की मृत्यु का कारण केवल तम्बाकू उत्पाद है जिसमें बीड़ी सिगरेट और हुक्का भी आता है। उन्होंने आगे बताया कि घरों में लोग धूम्रपान करते हैं और अन्य सदस्य भी उस धूम्र का सेवन न चाहते हुए कर रहे होते हैं। इससे प्रत्येक 4 सेकंड में एक बच्चे की मृत्यु हो रही है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक ज़िले के सरकारी अस्पताल में निशुल्क नशा मुक्ति केंद्र हैं जहाँ पर निशुल्क उपचार होता है। ब्यूरो द्वारा अभी तक 570 से अधिक लोगों को नशा मुक्त किया जा चूका है।

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