आजमगढ़ में आग का तांडव, 85 बीघा गेहूं की फसल बर्बाद, किसानों में आक्रोश

आजमगढ़: जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्र में खेतों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब 85 बीघा में फैली गेहूं की फसल आग में जलकर नष्ट हो गई है। शॉर्ट सर्किट से आग लगने के बाद किसानों में आक्रोश है और उन्होंने सरकार से उचित मुआवजे की मांग की है।
इन गांवों में लगी आग
सिधारी थाना क्षेत्र के गेलवारा गांव में हाई टेंशन लाइन से निकली चिंगारी ने किसान के गेहूं के खेत को बर्बाद कर दिया। गेहूं की फसल पक कर तैयार हो गई थी, जिसके कारण आग ने तुरंत ही विकराल रूप ले लिया और इसमें 5 बीघा फसल जलकर राख हो गई। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अरहर की डालियां और पानी से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। हालांकि, किसानों की तत्परता के कारण आग आसपास के खेतों तक नहीं पहुंच पाई, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। वहीं, फायर ब्रिगेड जब तक पहुंची तब तक पूरे पांच बीघा की फसल जल का नष्ट हो चुकी थी।
दूसरी घटना दीदारगंज थाना क्षेत्र के खेतापट्टी गांव की है। यहां भी 11 हजार वोल्ट के बिजली के तारों से चिंगारी निकली। इसके बाद खेतों में आग लग गई। चूंकि हवा की रफ्तार काफी तेज थी, इसलिए आग और तेजी से फैल गई और लगभग 20 बीघा गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया। आसपास के किसानों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली। वहीं, सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर नियंत्रण पाया गया
मेहनगर थाना क्षेत्र के गौरा गांव में 132 केविए विद्युत स्टेशन के पास भी दोपहर में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान पछुवा हवा बह रही थी और हवा की रफ्तार तेज थी, जिसके कारण आग ने विकराल रूप ले लिया। इस घटना में करीब 50 से 60 बीघा गेहूं की फसल जलकर नष्ट हो गई। सूचना के बाद दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया।
मौके पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम
किसानों का आरोप है कि बिजली विभाग की लापरवाही से खेतों में आग लग रही है, जिसको लेकर किसानों में आक्रोश नजर आया। वहीं, फसल जलने के बाद किसान चिंतित भी दिखे। उन्होंने जिला प्रशासन से हुए नुकसान के लिए उचित मुआवाजे की मांग की है। जिला प्रशासन ने किसानों को हुए नुकसान के बाद राजस्व टीम को मौके पर भेज दिया है और नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया है। बताया जा रहा है कि नुकसान के आकलन के बाद जल्द ही किसानों को सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।


















