असम/गुवाहाटी
आईईईएमए ने गुवाहाटी में नॉर्थ-ईस्ट पावर कॉन्क्लेव 2025 का किया उद्घाटन

भारतीय विद्युत एवं इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माता संघ (आईईईएमए) ने गुवाहाटी में नॉर्थ-ईस्ट पावर कॉन्क्लेव 2025 का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऊर्जा विकास को गति देना है। इस दो दिवसीय सम्मेलन में 500 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, उपयोगिता कंपनियां और उद्योग जगत के नेता शामिल थे।
सम्मेलन के मुख्य बिंदु:
- पूर्वोत्तर क्षेत्र की ऊर्जा क्षमता: आईईईएमए के अध्यक्ष श्री सुनील सिंघवी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र राष्ट्रीय अक्षय ऊर्जा रोडमैप में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिसमें लगभग 58,000 मेगावाट की जलविद्युत क्षमता है।
- निजी भागीदारी की आवश्यकता: नागालैंड के बिजली मंत्री श्री के.जी. केन्ये ने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से क्षेत्र में ऊर्जा विकास को बढ़ावा मिल सकता है।
- छोटी जलविद्युत परियोजनाओं का महत्व: मिजोरम के बिजली मंत्री श्री एफ. रोडिंगलियाना ने कहा कि छोटी जलविद्युत परियोजनाएं उनके राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं और केंद्र सरकार से इन परियोजनाओं के लिए बजट बढ़ाने का आग्रह किया।
सम्मेलन के उद्देश्य:
- क्षेत्रीय सहयोग: सम्मेलन का उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में ऊर्जा विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग और बुनियादी ढांचे के निवेश को बढ़ावा देना है।
- हरित ऊर्जा: सम्मेलन में हरित ऊर्जा, आधुनिक पारेषण प्रणाली और राज्यों के बीच सहयोग पर विशेष जोर दिया गया।
आईईईएमए की भूमिका:
- नीति संवाद: आईईईएमए क्षेत्र में ऊर्जा विकास के लिए नीति संवाद, औद्योगिक सहयोग और क्षमता निर्माण के माध्यम से इस यात्रा को सक्षम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
- निवेश को बढ़ावा देना: आईईईएमए क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और पारेषण क्षमता बढ़ाने के लिए क्षेत्र के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है।


















