देहरादून-उत्तराखण्ड़

सोशल मीडिया पर तकरार के बाद पत्रकार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

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देहरादून / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,,उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर क्षेत्र अंतर्गत जाखन में रहने वाले स्वतंत्र पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में पुलिस ने बुधवार को दो व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मृतक के परिजन की शिकायत पर दर्ज अभियोग के आधार पर की गई है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला सोशल मीडिया पर हुए विवाद के बाद घर में घुसकर की गई मारपीट से जुड़ा सामने आया है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत और बहुस्तरीय जांच शुरू कर दी है।
राजपुर थानाक्षेत्र की दून विहार कॉलोनी में सोमवार रात को 52 वर्षीय पंकज मिश्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी ने बताया है कि पंकज को रात करीब साढ़े तीन बजे पेट दर्द हुआ था। वह टॉयलेट गए लेकिन बाहर निकलते समय फिसलकर गिर गए, क्योंकि उनका वजन काफी था इसलिए वह उन्हें बेड तक नहीं ले जा सकी। वहीं कंबल ओढ़ा दिया था। उसके बाद खुद सो गई थीं। सुबह पति होश में नहीं आए तो मकान मालिक और पुलिस को सूचना दी। एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत बताया।
साथ में शराब पीते वक्त दो लोगों से हुआ था झगड़ा
इससे पहले सोमवार शाम उनके साथ एक घटनाक्रम हुआ। मौत से कुछ घंटे पहले पंकज ने अपने घर में दो लोगों के साथ शराब पी थी। किसी बात पर उनके बीच मारपीट हो गई थी, जिसकी पुलिस को सूचना दी गई। चीता पुलिस मौके पर गई। पड़ोसी भी वहां जमा थे। पुलिस का कहना है कि पंकज नशे में थे। उन्होंने अपनी मेडिकल जांच कराने और शिकायत देने से मना कर दिया था। इस वजह से चीता पुलिस वापस लौट गई थी। सुबह फिर से पुलिस को उनके बेसुध होने की कॉल मिली तो अस्पताल लेकर गए।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस मामले में मृतक पत्रकार के उत्तर प्रदेश के लखनऊ निवासी भाई अरविंद मिश्रा ने मंगलवार देर रात राजपुर थाना में शिकायत देकर सहगल सहित अन्य के विरुद्ध हत्या, घर में जबरन घुसने और लूटपाट के आरोप लगाए थे, जिसके बाद अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू की गई।इस पर देहरादून के कैंट क्षेत्र निवासी अमित सहगल 51 वर्ष और मुंबई निवासी पार्थो शील 45 वर्ष को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपों के अनुसार 15 दिसंबर की रात लगभग दस बजे अमित सहगल कुछ लोगों के साथ एक गिरोह के रूप में पंकज मिश्रा के दून विहार स्थित किराये के घर में घुसा। आरोप है कि वहां गाली-गलौच करते हुए जान से मारने की नीयत से मारपीट शुरू की गई। शिकायत में कहा गया है कि पंकज मिश्रा के सीने और पेट पर लात-घूंसे मारे गए, जिससे उनके मुंह से खून निकलने लगा। मारपीट के बाद उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
पत्नी से भी बदसलूकी का आरोप-पुलिस को सूचना देने से रोका गया
शिकायत में यह भी उल्लेख है कि जब पंकज की पत्नी लक्ष्मी ने अपने मोबाइल से पुलिस को सूचना देने का प्रयास किया तो आरोपितों ने उनका फोन भी छीन लिया और उनके साथ बदसलूकी करते हुए मौके से फरार हो गए। इसके बाद पंकज मिश्रा ने किसी राहगीर के फोन से पुलिस को घटना की जानकारी दी।
रात में कार्रवाई टली, सुबह बिगड़ी स्थिति-चिकित्सालय पहुंचने से पहले मृत्यु
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद पंकज मिश्रा को चिकित्सकीय परीक्षण कराने और तहरीर देने की सलाह दी गई, लेकिन उन्होंने चोट और भय के कारण रात में जाने के बजाय सुबह कार्रवाई करने की बात कही। शिकायत के अनुसार घटना के कुछ घंटे बाद मंगलवार तड़के लगभग तीन बजे पंकज मिश्रा ने पेट में दर्द की शिकायत की और जैसे ही वह बिस्तर से उठे, अचेत होकर गिर पड़े। परिजन और पड़ोसियों की मदद से उन्हें दून चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मृतक के परिजनों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह से मुलाकात कर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए चिकित्सकों के एक पैनल द्वारा पुनः पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर पंकज मिश्रा द्वारा सहगल के विरुद्ध की गई किसी पोस्ट को लेकर विवाद बढ़ा था।
एसएसपी ने बताया कि मृतक की पत्नी, मकान मालिक और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। घटनास्थल का निरीक्षण कर भौतिक साक्ष्य संकलित किए गए हैं। मामले की गहन विवेचना के लिए साइबर सेल, विशेष अभियान समूह और फोरेंसिक टीम को भी जांच में लगाया गया है।
पुलिस का कहना है कि अभी तक प्राप्त साक्ष्यों और बयानों के आधार पर कार्रवाई की गई है तथा अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रकरण की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर विधि सम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

RIZWAN AHSAN

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