काशीपुर-उत्तराखण्ड़

सी एम् धामी के संज्ञान में आई करोड़ों के राजस्व की धांधली, लीपा पोती में लगे सिंचाई विभाग के अधिकारी

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काशीपुर/उत्तराखंड,,,, कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम करनपुर में वर्ष 2022 में करोड़ों की सरकारी संपत्ति को क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस पूरे प्रकरण में सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी एक बार फिर से अपनी गर्दन बचाने में जुट गए हैं। फिलहाल सरकार के राजस्व को हुए करोड़ों के नुकसान मामले में शिकायती पत्र मुख्यमंत्री को भेजकर दोषियों के विरुद्ध प्राथमिक दर्ज कराने की मांग की गई है। बता दें कि वर्ष 2022 में कुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम करनपुर में सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित 150 मीटर गूल/पक्की नाली को अज्ञात तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त कर राजस्व को करोड़ों रूपयों का नुकसान किया गया था। इस मामले में इसी वर्ष 24 नवंबर को विभाग के अपर सहायक अभियंता विनोद कुमार द्वारा कुंडा थाना पुलिस को पत्रांक संख्या 669 के माध्यम से तहरीर देकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही करने की मांग की गई लेकिन पुलिस ने विभागीय अधिकारियों से सांठ-गांठ कर मामले को गोलमोल कर दिया। वर्ष 2022 की 25 सितंबर को सूचना अधिकार अधिनियम के तहत छः बिन्दुओं पर जानकारी मांगने पर लोक सूचना अधिकारी/तत्कालीन अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड काशीपुर ने जवाब में बताया कि संबंधित सूचना कार्यालय अभिलेखों में धारित नहीं है। मीडिया के माध्यम से मामला सुर्खियों में आने पर 2022 की 22 नवंबर को जिलेदार प्रेम प्रकाश के द्वारा मौके पर जांच की गई। जांच में सत्यता पाए जाने पर जिलेदर द्वारा दोषियों के विरुद्ध एफआईआर कराने का आश्वासन दिया गया। दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही न होने पर वर्ष 2024 में आरटीआई कार्यकर्ता आसिम मजहर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अधीक्षण अभियंता सिंचाई कार्य मंडल उधम सिंह नगर अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड काशीपुर व सहायक अभियंता प्रथम सिंचाई खंड काशीपुर को लीगल नोटिस भेज कर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की एक बार फिर से मांग उठाई लेकिन इस बार भी उपरोक्त तीनों अधिकारियों ने जवाब में हाथ खड़े कर दिए।
आयोग के निर्देशों की उड़ाई धज्जियां
करोड़ों के हुए नुकसान मामले में सूचना आयोग ने सुनवाई के दौरान जिम्मेदार अधिकारियों को दोषियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराने के स्पष्ट निर्देश दिए थे लेकिन सिंचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने सूचना आयोग के निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए मामले की लीपापोती कर दी।

RIZWAN AHSAN

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