वाराणसी/उत्तरप्रदेश

शारीरिक शिक्षा विभाग एवं चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में आपातकालीन जीवन रक्षक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन

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वाराणसी, 12 फरवरी 2026: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के सहयोग से “आपातकालीन जीवन रक्षक कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम” का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी सहायता प्रदान करने हेतु आवश्यक ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल से सुसज्जित करना था।
कार्यक्रम में चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की टीम ने प्रशिक्षण प्रदान किया। विशेषज्ञ पैनल में शामिल थे—डा. मंजरी मिश्रा, प्रोफेसर, ट्रॉमा एनेस्थिसियोलॉजी एवं क्रिटिकल केयर, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, डा. शशि प्रकाश मिश्रा, प्रोफेसर, सर्जरी विभाग, आयुर्विज्ञान संस्थान / चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, डा. विपुल श्रीवास्तव, सहायक प्रोफेसर, सर्जरी विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, डा. विवेक कटिहार, सह-प्रोफेसर, सर्जरी विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, डा. वैभव पाण्डेय, प्रोफेसर, बाल सर्जरी विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, डा. विक्रम गुप्ता, प्रोफेसर, एनेस्थीसिया विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, डा. शुभि दुबे, सहायक प्रोफेसर, न्यूरोसर्जरी विभाग, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय
कार्यक्रम में लगभग 175 विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की, जिनमें बी.पी.एड., एम.पी.एड. एवं पीएच.डी. शोधार्थी सम्मिलित थे। विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को हृदयाघात (Heart Attack), स्ट्रोक, अत्यधिक रक्तस्राव, घुटन (Choking), बेहोशी, सिर की चोट तथा अन्य आपातकालीन स्थितियों के लक्षणों एवं प्राथमिक उपचार की जानकारी विस्तार से प्रदान की।
प्रशिक्षण का मुख्य आकर्षण कार्डियो-पल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) तथा अन्य जीवन रक्षक तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन रहा। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में डेमोंस्ट्रेशन मैनिक्विन पर स्वयं अभ्यास कर सीपीआर, कृत्रिम श्वसन, छाती पर दाब (Chest Compression) तथा घुटन की स्थिति में अपनाए जाने वाले उपायों का प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस व्यावहारिक सत्र ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास एवं आपातकालीन परिस्थितियों में तत्परता से कार्य करने की क्षमता का विकास किया।
इस अवसर पर प्रो. विव्रम सिंह, विभागाध्यक्ष, शारीरिक शिक्षा विभाग, डा. कृष्णकांत (सह-प्रोफेसर), डा. अखिल मेहरोत्रा (सह-प्रोफेसर) एवं डा. अभिषेक वर्मा (सहायक प्रोफेसर) ने भी विशेषज्ञों का पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र प्रदान कर स्वागत किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन डा. बिनायक कुमार दुबे, सह-प्रोफेसर, शारीरिक शिक्षा विभाग द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि “आपातकालीन जीवन रक्षक कौशल प्रत्येक शिक्षक, प्रशिक्षक एवं विद्यार्थी के लिए अनिवार्य होना चाहिए।
अंत में उन्होंने सभी विशेषज्ञों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ तथा विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा एवं आपातकालीन जागरूकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

Sallauddin Ali

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