विकास के नाम पर खेल! ग्राम विकास अधिकारी निलंबित-फर्जीवाड़े की खुली पोल-डीडी पंचायत, डीपीआरओ और एडीओ पंचायत को भी कारण बताओ नोटिस एडीएम को चेतावनी जारी
विकास के नाम पर खेल! ग्राम विकास अधिकारी निलंबित-फर्जीवाड़े की खुली पोल-कमिश्नर आंजनेय कुमार की कार्रवाई से मची खलबली-डीडी पंचायत, डीपीआरओ और एडीओ पंचायत को भी कारण बताओ नोटिस जारी
बिजनौर।
जनपद में विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं और सरकारी धन के कथित दुरुपयोग के आरोपों ने प्रशासनिक महकमे में भूचाल ला दिया है। कमिश्नर आंजनेय कुमार की सख्त कार्रवाई के बाद ग्राम पंचायतों में हड़कंप की स्थिति है।
कमिश्नर के निर्देश पर विकासखंड हल्दौर के ग्राम विकास अधिकारी सोमपाल सिंह तोमर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उच्चाधिकारियों की अवहेलना और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को गंभीर मानते हुए डीडी पंचायत, डीपीआरओ और एडीओ पंचायत को भी कारण बताओ नोटिस जारी तथा एडीएम को चेतावनी जारी किया गया है।
विकासखण्ड हल्दौर की ग्राम पंचायत मुबारकपुर तालन में खुली गड़बड़ियों की परतें
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कि ग्राम पंचायत मुबारकपुर तालन में वर्ष 2024-2025 के दौरान राज्य वित्त आयोग मद से कराए गए विकास कार्यों की जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि:
कई कार्य कागज़ों में पूर्ण दर्शाए गए, जबकि मौके पर अधूरे मिले।
कार्यों के वाउचर और टेंडर संबंधी अभिलेख पत्रावली में उपलब्ध नहीं पाए गए।
सीसी रोड निर्माण कार्य के भुगतान में वित्तीय अनियमितता के संकेत मिले।
शासकीय आदेशों की अवहेलना और पदेन दायित्वों में लापरवाही पाई गई।
कमिश्नर के आदेश के बाद जिला विकास अधिकारी बिजनोर रचना गुप्ता द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया कि निरीक्षण में वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताएं प्रथम दृष्टया प्रमाणित हुई हैं।
इसी आधार पर ग्राम विकास अधिकारी सोमपाल सिंह तोमर के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। प्रकरण की विस्तृत जांच हेतु खंड विकास अधिकारी नजीबाबाद को जांच अधिकारी नामित किया गया है। निलंबन अवधि में संबंधित सोमपाल सिंह तोमर को विकासखंड कार्यालय नहटौर से संबद्ध किया गया है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि “विकास के नाम पर घोटाला अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिससे भविष्य में कोई भी जनहित के धन के साथ खिलवाड़ न कर सके।”
कमिश्नर की सख्त कार्रवाई ने साफ संकेत दे दिया है कि लापरवाही और भ्रष्टाचार पर अब सीधी चोट होगी। हालांकि इस प्रकरण ने जिले की विकास योजनाओं की निगरानी प्रणाली और पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और आगे की जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार है।
























