वाराणसी/उत्तरप्रदेश

यूजीसी रेगुलेशन 2026 को लागू करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

अपना दल कमेरावादी के साथ विभिन्न सामाजिक एवं छात्र युवा संगठन जिला मुख्यालय वाराणसी पर जुटे

यूजीसी विनियम लागू होने तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन,अब गांव में लगेगी यूजीसी चौपाल

वाराणसी:- अपना दल कमेरावादी और विभिन्न सामाजिक एवं छात्र युवा संगठनों ने बुधवार को यूजीसी रेगुलेशन 2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय स्थित शास्त्री घाट पर जोरदार धरना प्रदर्शन किया | कचहरी स्थित डॉ अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि एसीएम प्रथम को सौंपा गया | प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी की जब तक यूजीसी रेगुलेशन 2026 लागू नहीं होता है तब तक चरणबद्ध आंदोलन चलता रहेगा और अब गांव-गांव में यूजीसी चौपाल लगाकर इसे जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा | प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू करो”,”हम सबका है ऐलान, सबको शिक्षा सबको मान”,”शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” आदि नारे लगाते हुए हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार प्रदर्शन किया |

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि जाति लिंग धर्म या अक्षमता के आधार पर उच्च शिक्षण संस्थानों में हो रहे भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए,सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के मुताबिक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विनियम 2026 लाया गया जिसे तथ्यों और तर्कों के आधार पर समझने की बजाय कुतर्कों के आधार प्रायोजित विरोध की आड़ में न्यायिक प्रक्रिया में ले जाकर फंसा दिया गया | एक अस्थाई स्थगन के आधार पर विश्वविद्यालयों में समता स्थापित करने वाले विनियम 2026 को न्यायालय में लंबित कर दिया गया | फूट डालो और राज करो की नीति पर चलने वाली भाजपा सरकार की नियत कभी भी इस देश के वंचित एससी एसटी ओबीसी और अल्पसंख्यकों के प्रति ठीक नहीं रही है | अगड़ा और पिछड़ा के बीच में खाई को और चौड़ा करने तथा जनता की बुनियादी कमाई दवाई एवं पढ़ाई जैसे सवालों पर सरकारों की विफलता से ध्यान हटाने के दोहरी लाभ की साजिशों के तहत यह सब किया जा रहा है | वक्ताओं ने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी,पायल तडवी, अनिल कुमार जैसे ज्ञात और अनगिनत अज्ञात पीड़ितों साथ हुई घटनाओं के पुनरावृति को रोकने के लिए तथा उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षा के अवसरों में समानता के लिए बनाए जा रहे प्रावधानों को भ्रामक बहसों एवं अफवाहों में फंसाकर पीड़ितों के साथ न्याय के लिए बनाए गए यूजीसी विनियम 2026 को अगड़ा बनाम पिछड़ा की लड़ाई का हथियार बना दिया गया जबकि यह विनियम किसी भी तरीके से किसी खास सामाजिक समुदाय के विरुद्ध नहीं बल्कि हर तरह के शोषक के खिलाफ तथा शोषण परंपराओं पर रोक के लिए है |

उन्होंने कहा कि वर्तमान सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी, बड़े सुनियोजित साजिश के तहत यूजीसी रेगुलेशन 2026 को न्यायिक प्रक्रिया में फंसा कर इससे होने वाले वोट के लाभ हानि के जोड़ घटाना में लग गई और जब इस विषय को लेकर वंचित समुदाय एससी एसटी ओबीसी के छात्र नौजवानों ने जगह-जगह स्टडी सर्किल, संवाद एवं शांतिपूर्ण पहलकदमियो की शुरुआत की तो पूरी मशीनरी पुलिस प्रशासन बलपूर्वक रोकने की कोशिश करने लगी,हद तो तब हो गई जब इलाहाबाद यूनिवर्सिटी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी में यूजीसी रेगुलेशन 2026 के समर्थन में बात भर करने से हिंदू एकता की ढोंग रचने वाले संगठनों ने एससी एसटी और ओबीसी वर्ग के छात्रों पर हमले कर दिए |

बीएचयू में छात्र आदर्श कुमार पर जानलेवा हमला किया गया वही इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पार्क में शांतिपूर्ण तरीके से संवाद कर रहे छात्रों पर हमला कर दिया और दोनों ही मामलों में भाजपा की पुलिस ने मामले की लीपापोती में लग गई उन्होंने कहा कि ऐसी दमनकारी व्यवस्था और घोर अन्याय के खिलाफ अब सड़क पर उतरने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है सामाजिक न्याय के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन 2026 लागू होने तक प्रदेश भर में चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा | और अब गांव-गांव में जाकर यूजीसी चौपाल लगाकर उसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाएगा |
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से राजेश पटेल,गगन प्रकाश यादव,राजेश प्रधान,उमेश चंद्र मौर्य,राजकुमार पटेल, योगीराज सिंह,देवराज पटेल,बलराम यादव,बाबू अली साबरी,रामलखन पाल,महेन्द्र राजभर,सुरजीत सिंह समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे | अध्यक्षता जिलाध्यक्ष संजय पटेल एवं संचालन जिला महासचिव संजय आर्य एडवोकेट ने किया ||

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button