“मौत के साये में बहरागोड़ा: नदी किनारे मिला जिंदा बम, सेल्फी लेती भीड़ और सुस्त प्रशासन बना बड़ा खतरा”

पूर्वी सिंहभूम। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड अंतर्गत बरागाड़िया पंचायत के पानीपड़ा-नागुड़साई स्थित स्वर्णरेखा नदी घाट पर एक बड़ा संदिग्ध जिंदा बम मिलने से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। हैरानी की बात यह है कि इतने गंभीर खतरे के बावजूद अब तक बम को निष्क्रिय करने के लिए कोई विशेषज्ञ तकनीकी टीम मौके पर नहीं पहुंची है।
स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है। प्रशासन की धीमी कार्रवाई के कारण न तो क्षेत्र की समुचित घेराबंदी की गई है और न ही सुरक्षा के ठोस इंतजाम दिखाई दे रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि ग्रामीण इस खतरनाक बम को अनजाने में खिलौना समझकर उसके बेहद करीब पहुंच रहे हैं। कई लोग तो बम के साथ सेल्फी लेते हुए भी देखे जा रहे हैं, जिससे उनकी जान को बड़ा खतरा पैदा हो गया है।
हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है, लेकिन लापरवाही का आलम यह है कि लोग खतरे को नजरअंदाज कर अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। यह बम काफी पुराना बताया जा रहा है, लेकिन इसकी मारक क्षमता अभी भी बेहद घातक हो सकती है।
इस बीच बहरागोड़ा सर्कल के आरक्षी निरीक्षक अनिल कुमार नायक मौके पर पहुंचे और उन्होंने ग्रामीणों से बम से दूर रहने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और सेना के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम के आने के बाद ही बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अत्यधिक खतरनाक विस्फोटक है, जिसे केवल प्रशिक्षित विशेषज्ञ ही संभाल सकते हैं।
स्थानीय बुजुर्गों के अनुसार, यह कोई नई घटना नहीं है। वर्षों पहले इस इलाके में एक विमान नीचे आया था, जिससे कई वस्तुएं गिर गई थीं। उस समय प्रशासन ने अधिकांश सामान बरामद कर लिया था, लेकिन कुछ भारी वस्तुएं नदी की बालू में दब गई थीं। अब नदी के बहाव के कारण वही सामग्री धीरे-धीरे बाहर निकल रही है। इससे पहले भी इस तरह की संदिग्ध वस्तुएं मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
फिलहाल हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। एक ओर प्रशासन की सुस्ती और दूसरी ओर ग्रामीणों की लापरवाही मिलकर किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिम्मेदार विभाग कब सक्रिय होगा और इस खतरनाक जिंदा बम को समय रहते सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय किया जा सकेगा या नहीं।


















