बिजली विभाग के विजिलेंस दल पर कड़ा प्रहार: ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का बड़ा आदेश, विजिलेंस टीमों के सभी ड्राइवर हटाए जाएंगे

लखनऊ 27फरवरी :उत्तर प्रदेश के बिजली विभाग में भ्रष्टाचार और मनमानी पर लगाम कसने के लिए ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने एक सख्त कदम उठाया है। एक अहम समीक्षा बैठक के दौरान ऊर्जा मंत्री ने निर्देश दिया है कि बिजली विभाग की विजिलेंस (सतर्कता) टीमों के सभी ड्राइवरों को तत्काल प्रभाव से बदल दिया जाए। इस फैसले को विभाग में पारदर्शिता लाने की दिशा में एक बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ माना जा रहा है।
ड्राइवरों के इशारे पर चल रही थीं विजिलेंस टीमें?
सूत्रों के मुताबिक, ऊर्जा मंत्री को जमीनी स्तर से लगातार यह शिकायतें मिल रही थीं कि विजिलेंस की छापेमारी और कार्यप्रणाली का ‘रिमोट कंट्रोल’ अधिकारियों के बजाय उनके ड्राइवरों के हाथ में है। आरोप थे कि ये ‘सारथी’ अपनी मर्जी से तय करते हैं कि विजिलेंस की टीम कहाँ जाएगी और कहाँ नहीं। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे थे। इस ‘नेक्सस’ को तोड़ने और विभाग में पारदर्शिता साबित करने के लिए मंत्री ने इन सभी सारथियों को बदलने का फरमान सुनाया है।
विधानसभा में राजा भैया ने उठाया था प्रताड़ना का मुद्दा
इस बड़े फैसले के पीछे राजनीतिक दबाव और जन-शिकायतों को भी अहम कारण माना जा रहा है। गौरतलब है कि करीब दो सप्ताह पूर्व जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख और विधायक रघुराज प्रताप सिंह ‘राजा भैया’ ने विधानसभा में विजिलेंस टीम द्वारा आम उपभोक्ताओं की प्रताड़ना का मुद्दा पुरजोर तरीके से उठाया था। माना जा रहा है कि सदन में उठे इस मुद्दे ने ही इस कड़ी कार्रवाई की पृष्ठभूमि तैयार की है।
अवर अभियंताओं के कार्यकाल पर भी उठे सवाल
ड्राइवरों पर हुई इस कार्रवाई के बाद अब विभाग के अन्य अधिकारी भी रडार पर हैं। समीक्षा बैठक के बाद सभी दलों के अवर अभियंताओं के कार्यकाल की अवधि भी सवालों के घेरे में आ गई है।देखा गया है कि दल में अवधि समाप्त होने पर प्रबंध निदेशक द्वारा उसी जनपद में जेई को तैनाती दी जा रही है जो सवालों के घेरे में हैं
माना जा रहा है कि अभी जो अवर अभियंता लंबे समय से एक ही कुर्सी या दल में जमे हुए हैं, जल्द ही उनके कार्यक्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
आगे क्या?
ऊर्जा मंत्री का यह निर्देश विभाग में फैले भ्रष्टाचार को खत्म करने की दिशा में एक कड़ा संदेश है। हालांकि, प्रशासनिक महकमे की कार्यशैली को देखते हुए अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बड़ी कवायद को जमीन पर पूरी तरह उतरने में और इसका असर दिखने में कितना वक्त लगेगा।
























