फ़िल्म फेस्टिवल में वाह वाही लूटने वाली असमीया फ़िल्म ‘रोदोर पाखि’ की टाइटल ट्रैक रिलीज़

गुवाहाटी, 18 दिसंबर, 2025: भारतीय पैनोरमा 2024 (आई एफ एफ आई) सहित कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय फ़िल्म महोत्सवों में प्रशंसित स्क्रीनिंग के बाद, असमीया फीचर फ़िल्म ‘रोदोर पाखि’ (मॉर्निंग सन्शाइन) के निर्माताओं ने फ़िल्म के टाइटल ट्रैक “रोदोर पाखि” के 18 दिसंबर को रिलीज़ की घोषणा की है।
निर्देशक डॉ. बॉबी शर्मा बरुआ द्वारा निर्देशित ‘रोदोर पाखि’ (मॉर्निंग सन्शाइन) वास्तविक जीवन में लेखिका सर्मिष्ठा प्रीतम की प्रेरणादायक यात्रा से प्रेरित है। फ़िल्म की कहानी ज्योति नामक एक किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जो असम की एक महत्वाकांक्षी लेखिका है और कम उम्र में ही स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी से ग्रसित हो जाती है। गंभीर शारीरिक चुनौतियों के बावजूद, स्वतंत्र रूप से जीवन जीने और अपने सपनों को पूरा करने का उसका दृढ़ संकल्प ही फ़िल्म का भावनात्मक केंद्र है।
फिल्ममेकर्स ने अपने पिछले फिल्मों के लिए दो नेशनल फिल्म अवॉर्ड (रजत कमल) और कई इंटरनेशनल पहचान हासिल की हैं।
फिल्म का टाइटल ट्रैक “रोदोर पाखि” असम की दो सबसे प्रशंसित गायिकाओं रूपम भुइयां और दीपलिना डेका की आवाज़ में प्रस्तुत किया गया है। इस गीत का संगीत रूपम भुइयां ने स्वयं रचा है, जबकि इसके बोल प्रांजल कुमार महंत ने लिखे हैं। यह गीत फिल्म के मूल भाव—शांत साहस, संवेदनशीलता और एक नई सुबह की आशा—को खूबसूरती से समेटता है और ज्योति की कहानी के लिए एक सशक्त और भावपूर्ण संगीतात्मक परिचय बनता है।
गीत के रिलीज़ को लेकर निर्देशक डॉ. बॉबी शर्मा बरुआह ने कहा, “कहानी कहने में संगीत की भूमिका बेहद प्रभावशाली होती है और ‘रोदोर पाखि’ फ़िल्म की भावनात्मक आत्मा को प्रतिबिंबित करता है। यह टाइटल ट्रैक ज्योति की यात्रा और पूरी कहानी की उस भावना को सामने लाता है, जिसमें संवेदनशीलता, दृढ़ता और शांत शक्ति समाहित है।”
‘रोदोर पाखि’ (मॉर्निंग सन्शाइन) को कई प्रतिष्ठित फ़िल्म समारोहों में प्रदर्शित किया जा चुका है, जहाँ इसकी संवेदनशील कहानी कहने की शैली, सशक्त अभिनय और जीवन की वास्तविकताओं को ईमानदारी व संयम के साथ प्रस्तुत करने के लिए इसे सराहना मिली है। यह फ़िल्म इंडियन पैनोरमा 2024, इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल ऑफ़ इंडिया (आई एफ एफ आई) में आधिकारिक चयन के रूप में प्रदर्शित की गई, साथ ही 21वां थर्ड आई एशियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल, पुणे इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल 2025, इंडियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल ऑफ़ मेलबर्न 2025, 11वां मोज़ेक इंटरनेशनल साउथ एशियन फ़िल्म फ़ेस्टिवल एंड सिम्पोज़ियम (एम आई एस एफ एफ) 2025 (प्रतियोगिता श्रेणी में) तथा बेंगलुरु इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल (इंडियन सिनेमा प्रतियोगिता) में भी प्रदर्शित की गई है।
यह गीत प्रमुख डिजिटल म्यूज़िक और वीडियो प्लेटफ़ॉर्म्स पर रिलीज़ किया जाएगा और ऐसी अपेक्षा है कि यह अपनी भावनात्मक गहराई व संवेदनशील गीतात्मकता के कारण, दर्शकों से गहरा जुड़ाव बनाएगा।
बसंत कुमार बरुआह, डॉ. बॉबी सरमा बरुआह और सुलाख्याना बरुआह द्वारा निर्मित ‘रोदोर पाखि’ (मॉर्निंग सनशाइन) में सुलक्षना बरुवा, कमल लोचन, अरुण नाथ और बीना पतंगिया प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएंगे।
यह फ़िल्म, जिसके 2026 में सिनेमाघरों में रिलीज़ होने की उम्मीद है, एक सशक्त रचनात्मक और तकनीकी टीम को साथ लाती है, जिसका नेतृत्व डॉ. बॉबी शर्मा बरुआ कर रही हैं। उन्होंने फ़िल्म की कहानी, पटकथा, स्क्रीनप्ले, कॉस्ट्यूम, कास्टिंग, प्रोडक्शन डिज़ाइन और निर्देशन की ज़िम्मेदारी संभाली है। सिनेमैटोग्राफी सुमन दुवरा द्वारा की गई है, जबकि एडिटिंग रातुल डेका ने की है। फ़िल्म का डिजिटल इंटरमीडिएट (डी आई) मुंबई स्थित प्रसाद फ़िल्म लैब्स में वैभव वामन द्वारा पूरा किया गया है। साउंड डिज़ाइन रुक्मजीत बरुवा का है, वहीं री-रिकॉर्डिंग और फ़ाइनल मिक्स देवब्रत चलिहा और मनोज सिक्का द्वारा किया गया है।
फ़िल्म के विज़ुअल इफ़ेक्ट्स तरुणाभ दत्ता और दीपज्योति हैंडीक द्वारा किए गए हैं, जबकि बैकग्राउंड स्कोर की रचना रूपम भुईयां और राकेश बोरो ने की है। उदय भास्कर पातर ने चीफ़ असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है, क्रिस्टोफ़ थोके क्रिएटिव प्रोड्यूसर हैं और अशीम शइकिया प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में जुड़े हैं।





