कब्जामुक्त भूमि पर फिर अतिक्रमण! स्योहारा नगर पालिका पर मिलीभगत के गंभीर आरोप
कब्जामुक्त भूमि पर फिर अतिक्रमण! स्योहारा नगर पालिका पर मिलीभगत के गंभीर आरोप
स्योहारा/बिजनौर। नगर की जुमेरात बाजार स्थित धर्मार्थ ट्रस्ट की कब्जामुक्त कराई गई भूमि पर दोबारा दुकानों के खुलने से नगर पालिका प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। सेवा समिति के पदाधिकारियों ने नगर पालिका पर सीधे-सीधे मिलीभगत और आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया है।
कुछ सप्ताह पूर्व तहसील प्रशासन और नगर पालिका की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए भूमि को कब्जामुक्त कराया था। खोखे व अस्थायी दुकानों को हटाकर चेतावनी बोर्ड लगाया गया था कि दोबारा अतिक्रमण करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
लेकिन अब वही दुकानें पुनः संचालित हो रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं। सेवा समिति के प्रतिनिधियों ने इसे “प्रशासनिक संरक्षण में अतिक्रमण” करार देते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
समिति पदाधिकारियों का कहना है कि यदि कब्जा हटाने की कार्रवाई वास्तविक थी तो फिर दोबारा दुकानें कैसे खुल गईं? क्या यह कार्रवाई केवल दिखावा थी?
नगर में यह भी चर्चा है कि मामले में राजनीतिक दबाव और अंदरूनी सांठगांठ की भूमिका हो सकती है। सेवा समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा और उच्च न्यायालय व मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन गंभीर सवालों ने पूरे मामले को तूल दे दिया है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या नहीं।
























