इटावा में नई आवंटन व्यवस्था से व्यापारी नाराज 200 से अधिक दुकानदार गांधी प्रतिमा के नीचे बैठे, बोले- नहीं लगेगी प्रदर्शनी

इन्तिजार अहमद खान
इटावा में116 वर्षों से निरंतर लगने वाली ऐतिहासिक इटावा प्रदर्शनी इस बार विवादों में घिर गई है। दुकानों के आवंटन को लेकर जिला प्रशासन और पुराने व्यापारियों के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है।
जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की नई रणनीति के तहत इस बार प्रदर्शनी में दुकानों का लेआउट पूरी तरह बदल दिया गया है। एक जैसी दुकानों को अलग-अलग मार्केट में समूहित करने की योजना बनाई गई है।
व्यापारियों का कहना है कि वे कई दशकों से एक ही स्थान पर दुकान लगा रहे हैं। वही उनकी पहचान है। जगह बदलते ही ग्राहक भटकेगा और व्यापार पर सीधा असर पड़ेगा।
कई व्यापारियों ने दावा किया कि उनसे पहले ही अधिक पैसा लेकर रसीद काटी जा चुकी है। अब नई व्यवस्था में उनकी पुरानी जगह किसी और को दी जा रही है। किराया 7200 से बढ़ाकर 14 हजार रुपए से अधिक कर दिया गया है।टिनशेड लगाकर अतिरिक्त शुल्क भी वसूला गया है।
कश्मीर से आए गर्म कपड़ों के व्यापारी विजय रैना ने कहा कि वे उद्घाटन से पहले ही इटावा पहुंच गए थे।माल और स्टाफ सब लेकर आ चुके हैं, लेकिन दुकान का आवंटन अभी तक नहीं हुआ।उन्होंने चेतावनी दी—“एक भी व्यापारी की दुकान बदली या छिनी तो प्रदर्शनी नहीं लगने देंगे।”





