आईआईएम लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में बीएचयू के शोधार्थियों को सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार

शैक्षणिक क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए शोधार्थी नुरूल हक को 11 फरवरी से 14 फरवरी तक आयोजित भारतीय प्रबंधन संस्थान, लखनऊ (IIM Lucknow) के 5वें वार्षिक अंतरराष्ट्रीय शोध सम्मेलन एवं डॉक्टोरल कार्यशाला – “Reimagining Business Management: Policies Fostering Inclusion, Innovation and Technology” में सर्वश्रेष्ठ शोध पत्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
चार दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में देश-विदेश के विद्वानों द्वारा 200 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच प्रोफेसर अमित गौतम के सह-लेखन में प्रस्तुत शोध पत्र को सर्वश्रेष्ठ घोषित किया गया।
यह पुरस्कार प्राप्त शोध भारत के निजी क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं की डिजिटल वित्तीय साक्षरता और उनके वित्तीय कल्याण पर उसके प्रभाव पर आधारित है। अध्ययन में आय असमानता, करियर में रुकावटें, कार्यस्थल का दबाव, सीमित वित्तीय स्वायत्तता तथा जटिल डिजिटल वित्तीय उत्पादों से जुड़े जोखिम जैसी चुनौतियों को प्रमुख रूप से रेखांकित किया गया है।
निजी क्षेत्र के चुनौतीपूर्ण और प्रतिस्पर्धी कार्य वातावरण में कार्यरत महिलाओं के लिए यह शोध अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज महिलाएँ आय असमानता, करियर में अवरोध, कार्यस्थल के दबाव, सीमित वित्तीय स्वायत्तता तथा जटिल डिजिटल वित्तीय उत्पादों से जुड़े जोखिमों जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रही हैं। तेजी से डिजिटल होती अर्थव्यवस्था में वित्तीय निर्णय अधिक जटिल और जोखिमपूर्ण हो गए हैं, इसलिए डिजिटल वित्तीय साक्षरता अब एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन चुकी है।
हमारा अध्ययन दर्शाता है कि डिजिटल वित्तीय ज्ञान, वित्तीय क्षमता और जोखिम प्रबंधन कौशल को सुदृढ़ करके कार्यरत महिलाओं की आर्थिक सुदृढ़ता और दीर्घकालिक वित्तीय कल्याण को मजबूत किया जा सकता है। महिलाओं का वित्तीय सशक्तिकरण केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार, संस्थान और समावेशी आर्थिक विकास को भी मजबूत करता है।
यह शोध कार्य निरंतर जारी है। हम आगे भी इस विषय पर गहन अध्ययन करते रहेंगे ताकि नीतिगत, संस्थागत और व्यवहारिक स्तर पर ऐसे ठोस सुझाव विकसित किए जा सकें जो निजी क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के वित्तीय सशक्तिकरण और सुरक्षा को और अधिक मजबूत कर सकें।
आईआईएम लखनऊ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में यह सम्मान प्राप्त करना बीएचयू में हो रहे उच्च स्तरीय शोध, नवाचार और सामाजिक प्रासंगिकता का प्रमाण है।
























