नगीना – हिंदु नववर्ष अर्थात नवरात्र के प्रथम दिन श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर विधि विधान से माँ दुर्गा के प्रथम स्वरुप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा भारी संख्या में भक्तों ने प्रशिद्ध देवी मंदिर रामलीला बाग पहुंच कर नौ देवियों के दर्शन किये।
चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शनिवार को श्रद्धालुओं ने अपने अपने घरों पर कलश की स्थापना कर व उपवास रखकर विधि विधान से मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। बताया जाता है कि हिमालय की पुत्री होने के कारण भगवती का प्रथम स्वरुप शैलपुत्री का है
जिसकी आराधना से मनुष्य अपनी इच्छानुसार फल प्राप्त करता है। इस अवसर पर सुबह सवेरे से ही श्रद्धालुओं का श्री रामलीला बाग स्थित प्रसिद्ध प्राचीन व सिद्धपीठ देवी के मंदिर में आना जाना लगा रहा तथा सैकड़ों की संख्या मे स्त्री पुरुष श्रद्धालुओं ने मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की और देवी का श्रंगार, नारियल व प्रसाद आदि मंदिर में चढाकर अपनी व अपने परिवार की खुशहाली व सुख समृद्धि की कामना की। मंदिर में होने वाली विशेष आरती मे भी श्रद्धालु नर नारियों ने भाग लेकर धर्म लाभ उठाया। मंदिर प्रांगण में सुबह से शाम तक जंगल में मंगल जैसा दृश्य बना रहा। इस अवसर पर मंदिर प्रांगण में प्रसाद व देवी का श्रंगार चुनरी नारियल आदि सामान बेचने वालों की दुकानें लगी रहींं । नवरात्र के चलते मंदिर को भी आकर्षक ढंग से सजाया गया है।
विकास अग्रवाल की रिपोर्ट


















