वकील बनाम वकील विवाद तूल पकड़ा, क्रॉस FIR के बाद बार ने किया कामकाज ठप

काशीपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,काशीपुर न्यायालय परिसर में 1 जुलाई को हुए दो पक्षों के झगड़े ने अब बड़ा रूप ले लिया है। एक तरफ अधिवक्ता पर हमले का केस दर्ज हुआ तो दूसरी तरफ बार एसोसिएशन ने इसे “साजिश” बताकर हड़ताल का ऐलान कर दिया।*क्या है मामला* जसपुर निवासी अधिवक्ता हरगोविंद सिंह ने कोतवाली आईटीआई में तहरीर दी। आरोप है कि एसडीएम कोर्ट परिसर में पहले उनके भाई धर्मेंद्र से कहासुनी हुई। बाद में चैंबर पर बार एसोसिएशन सचिव यशवंत चौहान, अंकित त्यागी व अन्य ने हेलमेट और लात-घूंसों से हमला किया। तहरीर में यह भी कहा गया कि हमलावरों ने बाइक की चाबी छीन ली, गाड़ी तोड़ दी और गले की चेन भी उतार ली। पीड़ित ने डायल-112 पर सूचना देकर अस्पताल में उपचार कराया। आरोप है कि इसके बाद जान से मारने और वकालत न करने देने की धमकी भी मिली। पुलिस ने बीएनएस की धारा 115(2), 351(3), 352 में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।केस दर्ज होने के बाद काशीपुर बार एसोसिएशन ने आज न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। अध्यक्ष गिरिजेश खुल्वे की अध्यक्षता में आम सभा हुई। बार का कहना है कि असल में सचिव यशवंत चौहान ने पहले ही संजय चौधरी, हरगोविंद और धर्मेंद्र के खिलाफ गंभीर चोट की एफआईआर कोतवाली में दी थी, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा अब सचिव के खिलाफ ही मुकदमा लिख दिया गया। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि _”पुलिस प्रशासन अधिवक्ताओं से बैर रखता है। हम ही लोगों की मदद करते हैं और आज हमें ही निशाना बनाया जा रहा है।”_बार ने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे में यशवंत चौहान के खिलाफ केस रद्द नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी आंदोलन होगा। इसमें अन्य अधिवक्ता संगठन भी साथ देंगे। साथ ही उस पुलिस टीम के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई जिसे वे इस “षड्यंत्र” में शामिल मानते हैं आम सभा में वरिष्ठ अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार मिश्रा, अनिल सहरावत, आलोक माथुर, पराग नेगी, इंदर सिंह, बलवंत सिंह, उमेश जोशी, शहाना, अरविंद सिंह आदि ने अपने विचार रखे।अब देखना होगा कि पुलिस पहले दर्ज दोनों एफआईआर में क्या कार्रवाई करती है। फिलहाल न्यायालय परिसर में कामकाज प्रभावित है और अधिवक्ता एकजुट होकर मोर्चा खोलने की तैयारी में हैं।


















