लखनऊ-उत्तरप्रदेश

योगी कैबिनेट का महा-धमाका: यूपी में भ्रष्ट कर्मचारियों और अवैध कब्जेदारों की अब खैर नहीं

WhatsApp Image 2026-04-18 at 09.08.39
previous arrow
next arrow

उत्तर प्रदेश | योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में एक साथ 30 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाकर पूरे प्रदेश में खलबली मचा दी है। प्रशासन से लेकर सड़क तक और शहर से लेकर गांव तक, इस फैसले का असर हर जगह दिखने वाला है।

सरकारी कर्मचारियों की ‘कुंडली’ खंगालेगी सरकार

बिना स्वीकृति 6 माह के मूल वेतन से अधिक धनराशि का निवेश किया तो आयेंगे सरकार के रडार पर, भ्रष्टाचार पर लगाम कसने के लिए मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा प्रहार सरकारी मुलाजिमों पर किया है। अब यूपी के हर सरकारी कर्मचारी को हर साल अपनी संपत्ति घोषित करनी होगी। इतना ही नहीं, अगर किसी कर्मचारी ने अपने 6 महीने के मूल वेतन (Basic Pay) से ज्यादा का निवेश किया, तो सीधे जाँच की जाएगी। आय से अधिक संपत्ति रखने वालों के लिए अब बचना नामुमकिन होगा।

नगर निगम सीमा में ‘विकास शुल्क’ का झटका!

शहरी इलाकों में रहने वाले या जमीन खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। अब नगर निगम सीमा के भीतर किसी भी निर्माण या रजिस्ट्री पर 2% अतिरिक्त विकास शुल्क (Development Fee) देना होगा। सरकार का तर्क है कि इस पैसे से शहरों का ढांचा सुधारा जाएगा, लेकिन इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ना तय है.

अवैध कब्जेदारों पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, SC-ST परिवारों को मिलेगा हक!

कांशीराम आवास योजना में सालों से जमे अवैध कब्जेदारों को अब बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि इन बिल्डिंगों को खाली कराकर उनकी मरम्मत और पुताई कराई जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि खाली हुए इन आवासों को अब प्राथमिकता के आधार पर SC-ST परिवारों को आवंटित किया जाएगा।

जमीनी धोखाधड़ी का अंत: खतौनी से होगी पहचान!

जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाले फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए स्टाम्प पंजीयन विभाग के नए प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। अब विक्रेता की पहचान सीधे ‘खतौनी’ के जरिए डिजिटल रूप से जांची जाएगी। विक्रेता को अपनी ‘मिल्कियत’ का पुख्ता प्रमाण देना अनिवार्य कर दिया गया है।

प्राइवेट कंपनियों पर नकेल: अब यूपी में ओला और उबर जैसी कंपनियों को मनमानी करने की छूट नहीं मिलेगी। उन्हें यूपी में अनिवार्य रूप से रजिस्ट्रेशन कराना होगा और हर 5 साल में इसे रिन्यू कराना होगा।

*ग्रामीण परिवहन क्रांति: ‘CM ग्रामीण परिवहन योजना’ के तहत यूपी की 59,163 ग्राम सभाओं को सीधे बस सेवा से जोड़ा जाएगा। 28 सीटर छोटी बसें अब गांव की पगडंडियों तक पहुंचेंगी, जिससे ग्रामीणों को शहर आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।

Sallauddin Ali

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button