करनाल प्रदेश का पहला जिला, जहां सभी सीएचसी में कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन युक्त बैडो की सुविधा उपलब्ध – डीसी निशांत कुमार यादव
AIRA NEWS NETWORK – करनाल प्रदेश का ऐसा पहला जिला बन गया है, जहां सभी सीएचसी यानि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन युक्त बैड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि ऐसे मरीजों को उनके घर द्वार पर ही स्वास्थ्य लाभ मिल सके। ये बात उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने रविवार को घरौंडा, बल्ला और असंध सीएचसी में बनाए गए कोविड केयर वार्डों का दौरा करते हुए कही। उन्होंने कहा कि इस सुविधा से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में डी कंजेशन यानि मरीजों की भीड़ कम होगी। फिलहाल सभी 9 सीएचसी मेंऑक्सीजन युक्त 10-10 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है,जरूरत अनुसार इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी।
इस दौरान उन्होंने सीएचसी के कोविड वार्डो में दाखिल स्वास्थ्य लाभ ले रहे मरीजों का हाल-चाल पूछा और घबराए नहीं, ठीक हो जाओगे, कहकर दुआओं की मरहम लगाई। उपायुक्त के साथ जिला पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया और एडीसी वीना हुड्डïा भी थी। बता दें कि इससे पूर्व उपायुक्त इंद्री, कुंजपुरा, नीलोखेड़ी, तरावड़ी, निगदु, निसिंग की सीएचसी का दौरा भी कर चुके है।
घरौंडा सीएचसी के निरीक्षण के दौरान कहा, सभी पीएचसी में ऑक्सीमीटर, स्टीमर व थर्मामीटर जैसे उपकरणों की किट भेंजेगे-अपने दौरे में उपायुक्त ने पहले घरौंडा सीएचसी में कोविड वार्डो का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध सुविधाओं को जांचा। फिलहाल यहां 10 बैडो की व्यवस्था थी, कोविड के केवल चार मरीज दाखिल थे। सभी ऑक्सीजन की जरूरत वाले थे। उन्होंने एसएमओ मुनीष कुमार से व्यवस्था पर बातचीत की और दाखिल मरीजों का कुशलक्षेम पूछकर उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि सीएचसी में कोविड वार्डो का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग हो, उसी मरीज को करनाल रेफर किया जाए, जो गंभीर हो।
उन्होंने एसएमओ से कहा कि केसीजीएमएस में घरौंडा और इसके आस-पास के जितने भी मरीज है, उनकी स्क्रीनिंग करवाकर सीएचसी में बनाए गए कोविड केयर सेंटरों में लाएं। उन्होंने बताया कि सीएचसी के अधीन सभी पीएचसी में ऑक्सीमीटर, स्टीमर व थर्मामीटर जैसे जरूरी उपकरणों की किट भेजने की तैयारियां चल रही है। जल्द ही इसकी शुरूआत की जाएगी। उन्होंने एसएमओ से अतिरिक्त बैड, व्हीलचेयर, स्ट्रेचर तथा इंवर्टर,बैटरी जैसी जरूरतों पर भी बात की और कहा कि जो भी जरूरते होंगी, उन्हें तुरंत पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन सीएचसी के आस-पास के सभी मरीज यहीं दाखिल होने चाहिए, जो होम आईसोलेशन में नहीं रह सकते, वे यहां ईलाज करवा सकते है।
कोविड आशंकितों का घर-घर होगा सर्वे, लेंगे सैम्पल:- दौरे के दौरान उपायुक्त ने बताया कि अब जिला के सभी गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे कर सैम्पल लिए जाएंगे , ये काम आशा वर्कर करेंगी। इसके तहत कोविड की आशंका के बाद पोजिटिव मिले मरीजों की स्थिति अनुसार उसे होम आईसोलेशन, सीएचसी और उसके बाद केसीजीएमएस में दाखिल करवाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फिलहाल 50 गांवों में ग्राम स्तरीय आईसोलेशन सेंटर बनाए गए है। अब ऐसे सेंटर जिला के सभी गांवों में बनाए जाएंगे, अर्थात गांव हो या शहर, जिला के सभी लोगों के लिए कोविड उपचार को लेकर सुदृढ़ व्यवस्था की गई है। त्रिस्तरीय व्यवस्था में विलेज लेवल, सीएचसी लेवल और कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।
बल्ला सीएचसी का किया निरीक्षण, कोविड केयर के सभी बैड मिले खाली:-इसके बाद उपायुक्त ने बल्ला सीएचसी का दौरा किया ,जहां कोविड मरीजों के ईलाज के लिए 14 बैड लगाए गए थे, जिनमें 10 ऑक्सीजन स्पोर्ट के और 4 सामान्य थे। उन्होंने बल्ला के एसएमओ डॉ० कुलजीत सैनी से कोविड के हालात पर चर्चा की। हालांकि अच्छी खबर ये भी थी कि सीएचसी में सभी बैड खाली मिले, लेकिन उपायुक्त का कहना था कि ऑक्सीजन की जरूरत वाले कोविड मरीजों को यहीं रखा जाए, केसीजीएमएस में ना भेजा जाए। इस सुविधा का आस-पास के गांवों में अच्छा प्रचार होना चाहिए। उन्होंने एसएमओ से पावर बैकअप, स्ट्रेचर और व्हील चेयर की जरूरते पूछी और सभी जरूरते पूरी करने की बात कही।
असंध सीएचसी का दौरा कर सुविधाओं को जांचा:-इसके पश्चात उपायुक्त ने असंध सीएचसी का दौरा किया और उसमें बनाए गए कोविड वार्डो को देखा। इनमें ऑक्सीजन जरूरत वाले 8 मरीज दाखिल थे। उन्होंने यहां के एसएमओ डॉ० जयपाल चहल से व्यवस्थाओं पर बात की और कहा कि कोविड के एक्टिव मरीजों में सभी सीरियस नहीं होते, मात्र 3 प्रतिशत ही ऐसे होते है, 8 से 10 प्रतिशत ऑक्सीजन की जरूरत वाले बाकी नोर्मल होते है। उन्होंने कहा कि केसीजीएमएस में असंध एरिया के जितने भी ऑक्सीजन जरूरत वाले रोगी है, उन्हें यहां शिफ्ट कर लिया जाए ताकि वहां के बैड गंभीर रोगियों को मिल सके।
असंध में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए उपायुक्त ने बताया कि सब डिविजन लेवल पर बैडो की संख्या 20 से 25 तक बढ़ाई जा सकती है। जो लोग यहां ठीक हो रहे है, उससे दूसरे लोगों में भी अच्छा संदेश जाएगा। करनाल जाने में एम्बुलेंस व परिजनों की परेशानी जैसी कईं दिक्कतें आती है। ऑक्सीजन की जरूरत वाले मरीजों को सीएचसी में ही अपना ईलाज करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के भी निर्देश है कि गांवों पर ज्यादा फोकस किया जाए, इसके लिए डोर-टू-डोर सर्वे कर सैम्पल लिए जाएंगे।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि ऑक्सीजन की किल्लत पूरे देश में चल रही है, क्योंकि इसकी मांग एकदम बढ़ गई है, लेकिन फिर भी करनाल में इसकी जरूरत पूरी की जा रही है। वास्तव में कोविड से निपटने के लिए जितने भी संसाधन उपलब्ध है, उनका सदुपयोग किया जा रहा है। ये समय इम्तेहान का है और हम इसमें कामयाब हो रहे है, कहा कि अच्छी खबर ये भी है कि कोविड के मरीज ज्यादा ठीक हो रहे है।
असंध से वापसी पर उपायुक्त ने जलमाना गांव के वरिष्ट माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए ग्राम स्तरीय आईसोलेशन सेंटर को भी विजिट किया:-उपायुक्त ने यहां डयूटी पर मौजूद बीईओ राधेश्याम व लिपिक प्रेम जागलान से कहा कि जो घर पर आईसोलेट नहीं रह सकते, उन्हें यहा रखा जाए। यहां दवाईयां और पैरामेडिकल स्टाफ की 24 घंटे सुवाएं उपलब्ध है। सभी मास्क पहनकर अंदर प्रवेश करें, लोगों की अनावश्यक भीड़ ना हो।
जिला की सभी पीएचसी में ऑक्सीमीटर, स्टीमर व थर्मामीटर जैसे उपकरणों की भेजेंगे किट, डोर-टू-डोर सर्वे कर आशंकितों के लेंगे सैम्पल, पॉजिटिव मरीजों के लिए त्रिस्तरीय यानि विलेज लेवल, सीएचसी व केसीजीएमएस में ईलाज की व्यवस्था
























