आय-जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी होने में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायकता कोष से आर्थिक मदद उपलब्ध कराये जाने हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों पर तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण कराकर भेजी जाएं

आय-जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी होने में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायकता कोष से आर्थिक मदद उपलब्ध कराये जाने हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों पर तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण कराकर भेजी जाएं
आईरा न्यूज़ नेटवर्क स्टेट ब्यूरो सुबोध कुमार उत्तर प्रदेश
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने ट्रांजिस्ट हॉस्टल में जन-समस्याएं सुनने के दौरान कहा कि आय-जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी होने में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री सहायकता कोष से आर्थिक मदद उपलब्ध कराये जाने हेतु प्राप्त आवेदन पत्रों पर तत्काल औपचारिकताएं पूर्ण कराकर भेजी जाएं ताकि बीमार व्यक्ति को इलाज हेतु समय से धनराशि उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन आंगनवाड़ी केन्द्र के भवनों, स्कूलों में कहीं भी अवरोध उत्पन्न न हो, सार्वजनिक भूमि कब्जामुक्त रहे, आवागमन में किसी भी आम नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए सभी चकमार्ग, सड़कें कब्जामुक्त रहें, आमजन को अपनी समस्या के निदान के लिए भटकना न पड़े, अधिकारी प्रत्येक कार्यदिवस पर अपने कार्यालय में निर्धारित समय मंे उपस्थित रहकर जनता की शिकायतें सुनें और उसका प्रभावी निस्तारण करें साथ ही किसी भी स्तर से प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्र का गुणवत्ता के साथ निस्तारण करें ताकि आम जनता का विश्वास शासन, प्रशासन पर बना रहे।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि शासन की संचालित जन कल्याणकारी, लाभार्थीपरक योजनाओं का लाभ बिना भेद-भाव के प्रयेत्क पात्र व्यक्ति को मिले, पात्रों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जायें, किसी भी योजना में कोई अपात्र लाभान्वित न हो, कोई पात्र व्यक्ति योजना का लाभ पाने से वंचित न रहे, सुनिश्चित किया जाये। उन्होनंे कहा कि जन-सुनवाई, शासन स्तर, सम्पूर्ण समाधान दिवस, थाना समाधान दिवस, मुख्यमंत्री पोर्टल, आई.जी.आर.एस. या अन्य किसी भी माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, गुणवत्तापरक निराकरण अधिकारी अपनी व्यक्तिगत जिम्मेदारी समझ कर करें। उन्होंने कहा कि कहीं भी सार्वजनिक भूमि यथा चकरोड, विद्यालय की भूमि, खाद के गड्डों, मरघट आदि पर अवैध कब्जा न रहे, अमल दरामद, विरासत दर्ज करने में किसी भी स्तर पर विलंब न हो, सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, लेखपालों, राजस्व विभाग के अन्य कार्मिकों की कार्यशैली से आमजन राहत महसूस करें।


















