असम/गुवाहाटी

बार-बार बिजली के शुल्क में वृद्धि करके असम के भाजपा सरकार ने आम जनता को जिना मुस्किल कर दिया है । आप, असम ने बिजली शुल्क में वृद्धि रोकने की किया मांग ।

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बार-बार बिजली के शुल्क में वृद्धि करके असम के भाजपा सरकार ने आम जनता को जिना मुस्किल कर दिया है । आप, असम ने बिजली शुल्क में वृद्धि रोकने की किया मांग ।

पंकज नाथ, असम, 3 अक्टूबर :

असम में पिछले दिनों हर दो से तीन महीने में बिजली के शुल्क में बढ़ोतरी आम आदमी के लिए भारी बोझ बन गई है। आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ, बिजली शुल्क की बढ़ोतरी से लोग को भारी परेशानी हुई है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मीडिया के सामने फीस वृद्धि से इनकार किया, लेकिन एपीडीसीएल द्वारा फीस में वृद्धि का नोटिस जारी करने के बाद भी मुख्यमंत्री का बयान रहस्यमय बनी हुई है । मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन सौ यूनिट का उपयोग करने वालों के लिए शुल्क में वृद्धि नहीं की गई है, बल्कि तीन सौ एक से पांच सौ यूनिट तक उपयोग करने वालों के लिए बीस पैसे और पांच सौ यूनिट से अधिक उपयोग करने वालों के लिए नब्बे पैसे की वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे किसी को असुविधा नहीं होती है। दूसरी ओर, औद्योगिक क्षेत्र में ग्राहकों के लिए उनसठ पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि हुई है। ऐसे समय में जब आप की दिल्ली और पंजाब सरकार बिजली मुफ्त कर रही है उस समय आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप असम ने असम में सरकार द्वारा बिजली के शुल्क में वृद्धि का कड़ा विरोध किया है । वहीं दूसरी ओर आज की संवाददाता सम्मेलन में स्कूल के छात्रों को महीने के बीस दिन सरकारी कार्यक्रमों में व्यस्त रखकर नुकसान पहुंचाने वाले कार्य को आप असम ने इसकी कड़ी निंदा की है। जहां दिल्ली सरकार ने स्कूलों में छात्रों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करके विदेशों में भारत का गौरव बढ़ाया है उस समय असम के छात्रों की कक्षाएं और परीक्षाएं रद्द करके अमृत घड़े के साथ चिलचिलाती धूप में रैलियां करा फिर रही हैं। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि इस व्यवस्था को जल्द से जल्द बंद किया जाए। आम आदमी पार्टी (आप) असम ने मांग की है कि छात्र जीवन के सबसे महत्वपूर्ण अध्ययन अवधि के दौरान शिक्षकों और छात्रों के सिर पर इस तरह के सरकारी कार्यक्रमों को नहीं थोपा जाये । आम आदमी पार्टी असम राज्य की मुख्य प्रवक्ता अनुरूपा डेकारजा और प्रवक्ता जरबोम कुटुम आज के संवाददाता सम्मेलन में मौजूद थे।

Pankaj Nath

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