उत्तराखंड

झोलाछाप बंगाली चिकित्सकों की प्रैक्टिस पर लगाएं रोक, दवा विक्रताओं की मांग

WhatsApp Image 2026-04-18 at 09.08.39
previous arrow
next arrow

झोलाछाप बंगाली चिकित्सकों की प्रैक्टिस पर लगाएं रोक, दवा विक्रताओं की मांग

ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित दवा विक्रेताओं की बैठक

ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण, कर बैठकों का आयोजन

सीसीटीवी की अनिवार्यता सहित दी जरूरी आदेशों की जानकारी

नगर के दवा विक्रेताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों का भ्रमण करते हुए सभी औषधी विक्रेताओं को नव शासनादेश की जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने दूरस्त ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाझाप डाक्टरों द्वारा की जा रही प्रैक्टिस पर कड़ा रोष जाहिर किया है।

अल्मोड़ा से दवा व्यवसायियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पनुवानौला, बाड़ेछीना, दन्या के दवा विक्रेताओं से मुलाकात की और उन्हें नए शाशनादेश की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्देशों के तहत अब दवा प्रतिष्ठानों में सीसीटीवी लगवाना अनिवार्य है। साथ ही नारकोटिक्स दवा के विक्रय के संबंध में भी जरूरी जानकारी दी।

इस मौके पर तय हुआ कि नवीन दवा विक्रेताओं को संगठन में शामिल किया जायेगा। सभी दवा विक्रेताओं की एकजुटता पर बल दिया गया। दवा विक्रेताओं ने दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में कथित रूप से चल रहे बंगाली चिकित्सको की प्रैक्टिस के प्रति काफी रोष जताया। उन्होंने कहा कि यह लोग किसी नियम—कानून को नहीं मानते हैं। अतएव शासन—प्रशासन को इन चिकित्सकों पर अंकुश लगाना चाहिए
आम जनमानस बंगाली डॉक्टर को डिग्री धारी डॉक्टर मानती है जबकि बंगाली डॉक्टर लिखना कोई डिग्री नहीं है और अधिकांश देखा गया है पता नहीं कहां-कहां से बंगाली डॉक्टरों की बाढ़ आई हुई है उत्तराखंड में जगह-जगह आपको इनके क्लीनिक देखने को मिल जाएंगे ऐसे क्लीनिक ऊपर सरकार को रोक लगानी चाहिए स्वास्थ्य विभाग कुंभकरण की नींद में मस्त है वहीं दूसरी ओर झोलाछाप बंगाली डॉक्टर डॉक्टरी के नाम पर चांदी काट रहे हैं स्वास्थ्य विभाग को जल्दी ही इस और ध्यान देना होगा देखते हैं अब स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है या इसी तरह बंगाली क्लिनिक चलते रहेंगे

बैठक की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष आशीष वर्मा ने की। बैठक व भ्रमण में गिरीश उप्रेती, राघव पंत, हरीश नेगी, दीपक बिष्ट, दिनेश सुरियाल, पूरन बगड़वाल, गोविंद चम्याल, भगवान नेगी, अरुण सिंह, चंदन बोरा, मनीष नेगी आदि शामिल रहे।

जनपद अल्मोड़ा से
आईरा वार्ता राजेश सिंघल

50% LikesVS
50% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button