असम/गुवाहाटी

12 दिसंबर को होनेवाला‘ एक्वा नॉर्थईस्ट समिट’ होगा क्षेत्र में जलीय कृषि के विकास पर केंद्रित

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गुवाहाटी, 11 दिसंबर, 2025: एक्वा डॉक्टर सोल्यूशंस, फिशरी.न्यूज़ के सह-आयोजन में, एक्वा नॉर्थ ईस्ट समिट’ 2025 का पहला संस्करण आयोजित कर रहा है। यह एक दिवसीय, उच्च-प्रभाव वाला सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर क्षेत्र के एक्वाकल्चर परिदृश्य में परिवर्तन लाना है।

यह कार्यक्रम 12 दिसंबर को होटल ताज विवांता, गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा, जिसका आयोजन भारत सरकार के मत्स्य विभाग के सहयोग से किया जा रहा है और नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (एन एफ डी बी) द्वारा समर्थित है। बंगाल चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (बी सी सी एंड आई) इस आयोजन में चेम्बर पार्टनर के रूप में जुड़ा हुआ है। 

11 दिसंबर को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, फिशरी.न्यूज़ के संस्थापक एवं सी इंदुवर्धन रेड्डी पुताना ने कहा: पूर्वोत्तर भारत देश के लिए एक प्रमुख जलीय कृषि (एक्वाकल्चर) हब बनने की क्षमता रखता हैएक्वा नॉर्थ ईस्ट समिट के माध्यम से हमारा उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नीति और व्यवसायइन सभी को एक ही मंच पर लाना हैयह समिट दीर्घकालिक विकास की नींव रखेगी और एक्वा नॉर्थ ईस्ट एक्सपो 2026 का मार्ग प्रशस्त करेगी।”

सह-आयोजक के रूप में, फिशरी.न्यूज़ समिट की डिजिटल जागरूकता, संचार और संपूर्ण कवरेज का नेतृत्व करेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को सुर्यातेजा वेमावरापु, सहसंस्थापक एवं सी , फिशरी.न्यूज़; डॉ. देब्तानु बर्मन, संस्थापक एवं सी , एक्वा डॉक्टर सोल्यूशंस; तथा असीम कुमार बरा, वरिष्ठ कार्यकारी (तकनीकी) एवं अधिकारीप्रभारी, एन एफ डी बीएन आर सी, गुवाहाटी ने भी संबोधित किया।

एक्वा नॉर्थ ईस्ट समिट 2025 उत्तर-पूर्वी राज्यों के सभी हिस्सों से नीति-निर्माताओं, शोधकर्ताओं, उद्योग नेताओं, प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, सहकारी समितियों, एफ पी ओ और प्रगतिशील किसानों को एक मंच पर ला रहा है।

यह समिट क्षेत्र की मुख्य चुनौतियों जैसे कि उत्पादकता में अंतराल, वैज्ञानिक तरीकों को अपने में कमी, बाज़ार से सीमित व कमजोर जुड़ाव, मूल्य-श्रृंखला की अक्षमताएँ और जलवायु से जुड़ी कमजोरियाँ को संबोधित करेगी। 

मुख्य विषयों में प्रजाति विविधीकरण, कोल्ड-चेन विकास, ए आई, आई ओ टी  और डिजिटल खेती तकनीकें, सततता और पीएमएमएसवाई जैसी सरकारी योजनाओं के माध्यम से वित्तीय समावेशन शामिल हैं। इन चर्चाओं में नेटवर्किंग अवसर, उत्पाद प्रदर्शन और उद्योग–सरकार संवाद भी शामिल रहेंगे।

उत्तर-पूर्व भारत देश के सबसे समृद्ध मत्स्य संसाधन क्षेत्रों में से एक है — यहाँ प्रचुर जलस्रोत, मछली की उच्च खपत और तेज़ी से बढ़ता क्षेत्रीय बाज़ार मौजूद है। हालांकि, कम उत्पादकता, सीमित विस्तार समर्थन और खंडित आपूर्ति शृंखलाएँ जैसी चुनौतियाँ अब भी इस क्षेत्र की प्रगति में बाधा बनी हुई हैं। 

समिट का लक्ष्य तकनीक-आधारित मत्स्य पालन के लिए क्षमता विकसित करना, हितधारकों के बीच समन्वय को बेहतर बनाना और निवेश को प्रोत्साहित करना है। यह आगामी एक्वा नॉर्थ ईस्ट एक्सपो 2026 की नींव भी रखेगा, जिसे इस क्षेत्र का सबसे बड़ा एक्वाकल्चर प्रदर्शनी कार्यक्रम माना जा रहा है। 

विभिन्न सरकारी संस्थान, संस्थाएं, स्टार्टअप, सहकारी समितियां और प्रगतिशील किसान इस एक-दिवसीय कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं, जिसका उद्देश्य पूर्वोत्तर में एक्वाकल्चर के भविष्य को आकार देना है। 

HALIMA BEGUM

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