स्टैब ग्राउंड में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़-क्या गुणवत्ता जांच के बिना भुगतान कर दिया गया.?हादसा हो जाता तो ज़िम्मेदारी किसकी-चेयरमैन की या ठेकेदार की.?

**#नजीबाबाद : #चेयरमैन की #लापरवाही या #ठेकेदार की #मनमानी?
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नजीबाबाद के स्टैब ग्राउंड में लगाए गए भारी-भरकम ओपन जिम उपकरणों को बिना पुख्ता तकनीकी मानकों के सिर्फ मिट्टी में गाड़कर छोड़ दिया गया। नतीजा यह हुआ कि बच्चों और बड़ों के नियमित उपयोग से कुछ ही दिनों में उपकरण हिलने-डुलने लगे—जो किसी भी समय बड़े हादसे में तब्दील हो सकता था।





यह सौभाग्य ही था कि समय रहते इस गंभीर खामी पर ध्यान गया, वरना किसी उपकरण के गिरने से किसी बच्चे की जान तक जा सकती थी। अब जाकर आनन-फानन में इन उपकरणों की नींव दोबारा मज़बूत कराई गई, लेकिन सवाल जस का तस है—
क्या नगर पालिका किसी बड़े हादसे का इंतज़ार कर रही थी?
क्या गुणवत्ता जांच के बिना भुगतान कर दिया गया?
अगर हादसा हो जाता, तो ज़िम्मेदारी किसकी होती—चेयरमैन की या ठेकेदार की?
शहरवासियों का कहना है कि खेल मैदान बच्चों के लिए होते हैं, प्रयोगशाला नहीं। ऐसे में सुरक्षा से समझौता सीधी आपराधिक लापरवाही है। मांग उठ रही है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो, दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में तकनीकी ऑडिट व सेफ्टी सर्टिफिकेशन अनिवार्य किया जाए।
आईरा न्यूज़ नेटवर्क






