वाराणसी में बड़ा जीएसटी फ्रॉड खुलासा: फर्जी बिलिंग गिरोह का आरोपी गिरफ्तार

वाराणसी। थाना चौबेपुर पुलिस टीम के उ0नि0 अनुराग कुमार तिवारी, साइबर सेल के का0विराट सिंह एवं एस0ओ0जी0 टीम के उ0नि0 आयुष पाण्डेय, का0 मयंक त्रिपाठी व का0 मनीष बघेल द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए जीएसटी फ्रॉड से संबंधित थाना चौबेपुर पर पंजीकृत मु0अ0सं0-0452/2025, धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2) बीएनएस के अभियोग में प्रकाश में आए वांछित अभियुक्त सूरज वर्मा पुत्र बलराम वर्मा, उम्र लगभग 28 वर्ष, निवासी वर्मा निवास, गुरु की नगरी, सेक्टर-10(B), मंडी गोविंदगढ़, थाना गोविंदगढ़, जनपद फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) को गिरफ्तार किया गया।उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व दिनांक 22.02.2026 को इसी प्रकरण में प्रकाश में आए सह-अभियुक्त मो0 फरहान पुत्र मो0 इलियास, निवासी मकान नं0-161, सेक्टर-10A, गुरु की नगरी, मंडी गोविंदगढ़, थाना गोविंदगढ़, जनपद फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
प्रकरण के संबंध में सहायक आयुक्त, राज्य कर, खण्ड-18, वाराणसी द्वारा पत्रांक-158 दिनांक 30.06.2025 के माध्यम से अवगत कराया गया था कि सिंह इंटरप्राइजेज (प्रोपराइटर– जोहर सिंह) नामक फर्म, जिसका जीएसटी पंजीकरण सारनाथ, वाराणसी में किया गया था, भौतिक सत्यापन के दौरान घोषित पते पर अस्तित्व में नहीं पाई गई।
जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि उक्त फर्म द्वारा बिना किसी वास्तविक इनवर्ड सप्लाई के माह मई 2025 में लगभग ₹21,49,88,804/- की आउटवर्ड सप्लाई दर्शाते हुए विभिन्न राज्यों (पंजाब, लुधियाना, दिल्ली, गुजरात, अहमदाबाद) की कुल 05 फर्मों को लगभग ₹4,31,93,732/- की फर्जी आईटीसी का अनुचित लाभ प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त, उक्त फर्म द्वारा पूर्व में भी कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराने का प्रयास किया गया था। इस प्रकार अभियुक्तगण द्वारा सुनियोजित आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग कर भारत सरकार एवं राज्य सरकार को राजस्व की भारी क्षति पहुंचाई गई।उक्त प्रकरण में विधिक कार्यवाही प्रचलित है तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों की तलाश की जा रही है।


















