मैनपुरी-उत्तरप्रदेश

प्र. चिकित्साधिकारी नेतृत्व देकर उपलब्ध करायें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिन्हित बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में न बरतें कोताही -जिलाधिकारी।

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प्र. चिकित्साधिकारी नेतृत्व देकर उपलब्ध करायें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिन्हित बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में न बरतें कोताही -जिलाधिकारी।

प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना का लाभ 48 घंटे में कराया जाये उपलब्ध, उन्हें ड्रॉप-बैक की सुविधा करायी जाये मुहैया-अंजनी कुमार।

आईरा न्यूज़ नेटवर्क स्टेट ब्यूरो सुबोध कुमार मैनपुरी

मैनपुरी 20 अपै्रल जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत गठित जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की संचालित विभिन्न योजनाओं में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करहल की सबसे अधिक खराब प्रगति पाये जाने पर प्र. चिकित्साधिकारी करहल को कारण बताओ नोटिस जारी करने, जननी सुरक्षा योजना में लाभार्थियों के भुगतान में बरती गई अनियमितताओं में संलिप्त संविदा, आउटसोर्सिंग कार्मिकों की सेवाएं समाप्त करने, एंबुलेंस 108 के रिस्पांस टाइम में सुधार, राष्ट्रीय अंधतः निवारण कार्यक्रम के अंतर्गत ऑपरेशन की प्रगति में सुधार लाने, जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों से निर्धारित नियमों का पालन कराने, नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड सेंटर की जांच कराने, प्रसव के उपरांत प्रसूताओं को 48 घंटे में जननी सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं का लाभ समय से उपलब्ध कराया जाए, आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में किसी भी स्तर पर विलंब न हो। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं की समय से सभी जांचें हो, उन्हें सभी टीके समय से लगाए जाएं, ऑयरन, कैल्शियम की टेबलेट समय से उपलब्ध कराई जाए।
श्री सिंह ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों, बेसिक शिक्षा के विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान बच्चों में पाई गई स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चिन्हांकन के उपरांत भी अभी 38 बच्चों को उपचार नहीं दिया गया है जिसमें सर्वाधिक 18 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी, 07 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरनाहल एवं 06 बच्चे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज के अधीन शेष हैं, जिस पर उन्होंने प्र. चिकित्साधिकारी किशनी से चिन्हित बच्चों को समय से उपचार प्रदान न किए जाने के संबंध में जानकारी की तो उनके द्वारा इस संबंध में कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिए जाने पर हिदायत देते हुए कहा कि बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति सभी एम.ओ.आई.सी. संवेदनशील रहें, तत्काल चिन्हित बच्चों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 23929 के सापेक्ष माह मार्च तक 21372 संस्थागत प्रसव कराये गये, जिसमें से 20029 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना में लाभान्वित किया जा चुका है, प्रसूताओं को लाभ उपलब्ध कराने में स्वास्थ्य केन्द्र जागीर, सुल्तानगंज, किशनी, जिला महिला चिकित्सालय की प्रगति ठीक नहीं है।
जिलाधिकारी ने पी.सी.पी.एन.डी.टी. की समीक्षा के दौरान नोडल अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर की नियमित रूप से गहनता से जांच कराई जाए, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों से मानकों, नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए, राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम में वार्षिक लक्ष्य 22987 के सापेक्ष पूर्ति मात्र 6057 पाये जाने पर कार्यक्रम के नोडल अधिकारी को हिदायत देते हुए कहा कि कैंप आयोजित कर जरूरतमंद व्यक्तियों के ऑपरेशन करायें, चश्मा वितरण के लक्ष्यों की तत्काल पूर्ति की जाए। उन्होंने परिवार कल्याण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान पाया कि महिला नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 1282 के सापेक्ष 962, पुरुष नसबंदी के वार्षिक लक्ष्य 21 के सापेक्ष मात्र 05, गर्भनिरोधक इंजेक्शन के लक्ष्य 13240 के सापेक्ष 11138 की ही पूर्ति हुई है। उन्होंने क्षय रोग उन्मूलन की समीक्षा के दौरान पाया कि रोगियों के चिन्हांकन, चिन्हित रोगियों को सेवाएं, लाभ उपलब्ध कराने में जनपद मंडल में शीर्ष पर एवं प्रदेश में 15वें स्थान पर है।
इस दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, मुख्य चिकित्साधीक्षक मदनलाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र कुमार, डा. आशुतोष कुमार, डा. आर.के. शुक्ला, डब्ल्यू.एच.ओ. से डॉ. वी.पी. सिंह, यूनिसेफ से संजीव पांडेय, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिओम बाजपेयी, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, डी.पी.एम. संजीव पांडेय, प्र. चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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