ग्राम पंचायत जखा में दिव्यांग व सामुदायिक शौचालय के नाम पर ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान का बड़ा घोटाला

ग्राम पंचायत जखा में दिव्यांग व सामुदायिक शौचालय के नाम पर ग्राम सचिव व ग्राम प्रधान का बड़ा घोटाला



शौचालय के नाम पर पैसों का बंटरबात न ही दिव्यांग शौचालय बना, न ही सामुदायिक शौचालय का कार्य पूर्ण किया गया
अमन कुमार जिला रिपोर्टर
सरकार की योजना को पलीता लगाते नजर आ रहे ग्राम प्रधान व अधिकारी कर रहे अपना विकास,
मैनपुरी के बेवर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत जखा में सरकार की योजना को पलीता लगाते नजर आ रहे ग्राम प्रधान व अधिकारी उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाये का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है योजना तो आती है लेकिन कागजी कार्रवाई में ही रखी रह जाती है लेकिन धरातल पर कार्य नहीं किया जाता है
ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत जखा का सामने आया है जहाँ सरकार ने दिव्यांग लोगों के लिए सुलभ शौचालय बनवाने का फरमान जारी किया था लेकिन ग्राम पंचायत जखा में अभी तक दिव्यांग शौचालय का कार्य नहीं किया गया है और नहीं ही पुरुष शौचालय बनवाया गया है कई बार ग्राम प्रधान से कहा लेकिन प्रधान ने कोई ध्यान नही दिया वही प्रधान से जब इन योजनाओं के बारे पूछा गया तो प्रधान ने बताने से मना कर दिया वही अगर कागजी कार्रवाई की बात करे तो दिव्यांग शौचालय व पुरुष शौचालय का कार्य पूरा है वही सामुदायिक शौचालय का कार्य तीन सलो से अभी तक अधूरा है पडा़ है
प्राथमिक विद्यालय जखा में दिव्यांग छात्र छात्राओं के लिए दिव्यांग शौचालय अभी तक नहीं बना शासन का आदेश होने के बाद भी विद्यालयों में इसका निर्माण कार्य नहीं किया गया इसे शारीरिक रूप से कमजोर छात्र छात्राओं को परेशानी हो रही है खुले में शौच मुक्त कराने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है इसको लेकर जगह-जगह सुलभ शौचालय का निर्माण किया गया है लेकिन वही ग्राम पंचायत जखा के प्राथमिक विद्यालय में दिव्यांग शौचालय नहीं बना अगर बात करे कागजी कार्यवाही की तो दिव्यांग शौचालय बना हुआ है वही प्राइमरी विद्यालय जखा में दिव्यांग शौचालय निर्माण हुआ ही नहीं प्राथमिक विद्यालय जखा में सहायक अध्यापक का कहना है कि 3 साल से यूं ही पडा़ है दिव्यांग शौचालय प्रधान से कई बार कहने के बावजूद भी दिव्यांग शौचालय नहीं बनवाया गया जिसको लेकर खंड शिक्षा अधिकारी को भी अवगत कराया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई
जहां योगी सरकार 2024 इलेक्शन की तैयारी कर हर नागरिक तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना चाहती है वही ग्रामो के प्रधान व ग्राम सचिव सरकारी योजनाओं को धत्ता बताकर खुद के विकास में मशगूल है
अब देखना ये है कि क्या उच्चाधिकारी भी इस गोलमाल मे भागीदार है या योजनाओ को धरातल पर लागू कर भ्रष्ट अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही करेंगे।






