असम/गुवाहाटी

कामरूप के शुवालकुसी में भाजपा नेता बीरेश्वर-पद्मेश्वर के मामले ने मचा दी सनसनी।

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कामरूप के शुवालकुसी में भाजपा नेता बीरेश्वर-पद्मेश्वर के मामले ने मचा दी सनसनी।

पंकज नाथ, गुवाहाटी, 25 मार्च:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ नारा अब सिर्फ नारे में ही सिमट कर रह गए हैं। इसे दूर किनारा करते हुए खुद राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के विधानसभा चुनाव क्षेत्र के अंतर्गत शुवालकुसी में इस बार भाजपा नेता बीरेश्वर-पद्मेश्वर पर शारीरिक रूप से हमला करने और पति को जान से मारने की धमकी देने के आरोपों ने इलाके में हलचल मचा दी है। इस संबंध में शुवालकुची थाने में पहले से दर्ज प्राथमिकी के आधार पर बीरेश्वर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है लेकिन गंभीर आरोप लगाए गए हैं कि उन्हें थाने से ही सम्मान के साथ घर जाने की अनुमति दी गई है। यह पता चला है कि शुवालकुची पुलिस थाना क्षेत्र के शांतिटोल की एक महिला ने कुछ साल पहले अपने पति को खो दिया था। जहां यह बदकिस्मत महिला अपने पति के बिना संसार चला रही है, वहीं शुवालकुसी से भाजपा के नेता बीरेश्वर पर अक्सर पति-हारा महिला को गाली देने और धमकाने का आरोप लगता रहा है। पेशे से राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बीरेश्वर पर महिला को इस तरह से मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा है। जागरूक जनता का आरोप है कि थाने में शिकायत होने के बावजूद वह थाने से जाने में सक्षम रहे हैं, बावजूद इसके कि वह गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत हैं और समान रूप से भाजपा के नेता हैं। महिला द्वारा शुवालकुसी पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, बीजेपी नेता बीरेश्वर अपने भाइयों पद्मेश्वर और जिज्ञासु नाम के एक साथी के साथ पिछले 13 मार्च को रात करीब 10 बजे महिला के घर में घुस आए। वे लोग घर आकर महिला और नाबालिग लड़की को गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। बाद में, 14 मार्च को, पीड़िता ने शुवालकुची पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज कराई। शुवालकुची पुलिस ने न्याय संहिता संख्या 33/25 की धारा 329(3)/296/115(2)/351(2)/3(5) के तहत मामला दर्ज कर बीरेश्वर , भाई पद्मेश्वर और जिज्ञासु को थाने में गिरफ्तार कर ले आया था । लेकिन पुलिस बीरेश्वर, पदमेश्वर और जिज्ञासासू को थाने में नहीं रोक पाए थे । तीनों इतने प्रभावशाली हैं कि कथित तौर पर थाने में जमानत देकर तीनों को घर जाने देने की आरोप उठे है। गंभीर आरोपों के बावजूद भाजपा नेता होने के कारण बीरेश्वर ओर उनके सहयोगी खुले आसमान के नीचे है। क्या वीरेश्वर ओर उनके साथियों के ऊपर राजघराने के आशीर्वाद होने के कारण इस तरह से धमकियों से लोगों को परेशान करने की काम को जारी रखेगी? जागरूक जनता के बीच यह सवाल उठने लगा है। इसके अलावा, पीड़िता को स्थानीय पुलिस से कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर कामरूप के पुलिस अधीक्षक रंजन भुइयां से इस पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया है। अब इन सब की जांच करके क्या कामरूप पुलिस अधीक्षक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई करेंगे या कोई उचित कार्रवाई किए बिना उन्हें खुल्लमखुल्ला घूमने का मौका देंगे यह केवल आने वाले समय में ध्यान देने योग्य होगा।

Pankaj Nath

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