मैनपुरी में दलित नाबालिग का अपहरण: 40 दिन बाद भी पुलिस नाकाम, कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल

मैनपुरी में दलित नाबालिग का अपहरण: 40 दिन बाद भी पुलिस नाकाम, कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
जनपद मैनपुरी | आईरा न्यूज़ नेटवर्क
जिला ब्यूरो: सुबोध कुमार
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जनपद के बेवर थाना क्षेत्र से एक दलित नाबालिग लड़की के अपहरण का गंभीर मामला सामने आया है। घटना को 40 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस अभी तक पीड़िता को बरामद नहीं कर पाई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
घटना का विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना दिनांक 10 जनवरी 2026 की है। पीड़ित परिवार द्वारा 12 जनवरी 2026 को बेवर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
परिवार का आरोप है कि थाना पुलिस आरोपियों के प्रति नरमी बरत रही है तथा मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। परिवार ने पुलिस की निष्क्रियता पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उच्चाधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग की है।

कानूनी परिप्रेक्ष्य
ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार में सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया था कि संज्ञेय अपराध, विशेषकर नाबालिग से संबंधित मामलों में एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है तथा तत्काल जांच प्रारंभ की जानी चाहिए।
नाबालिग के अपहरण जैसे संवेदनशील मामले में 40 दिन से अधिक समय तक कोई ठोस प्रगति न होना पुलिस की गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
यदि पीड़िता अनुसूचित जाति वर्ग से है, तो प्रकरण में SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराएँ भी लागू हो सकती हैं, जिनमें त्वरित कार्रवाई और विशेष जांच का प्रावधान है।

उठते सवाल
क्या पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की?
क्या पीड़िता की तलाश हेतु तकनीकी सर्विलांस का उपयोग किया गया?
क्या मामले की निगरानी उच्चाधिकारियों द्वारा की जा रही है?
परिवार की मांग
पीड़ित परिवार ने:
मामले की उच्च स्तरीय जांच,
आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी,
तथा पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग की है।
यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो परिवार द्वारा उच्च न्यायालय अथवा मानवाधिकार आयोग का दरवाज़ा खटखटाने की चेतावनी दी गई है।




























