नालंदा विश्वविद्यालय का बड़ा कदम, स्कूलों के साथ मिलकर शिक्षा को मिलेगी नई दिशा

वीरेंद्र कुमार संवाददाता नालंदा
नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में मंगलवार को सहभागिता संवाद की चतुर्थ बैठक का सफल आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय और आसपास के विद्यालयों के बीच संवाद, सहयोग एवं साझा शैक्षणिक पहलों को और अधिक मजबूत करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सचिन चतुर्वेदी ने की। इसमें डॉ. भीमराव अंबेडकर विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय, आरडीएच हाई स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर, मिडिल स्कूल जत्ती सहित कुल आठ निकटवर्ती विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं प्रतिनिधि शामिल हुए।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय और विद्यालयों के संयुक्त प्रयासों से शिक्षा को नई गति मिलेगी। उन्होंने सहभागिता कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक किए गए कार्यों की जानकारी देते हुए कहा कि इसे और प्रभावी बनाने में विद्यालय प्रमुखों की सक्रिय भूमिका बेहद अहम है।
कुलपति ने सभी विद्यालयों को 09 से 13 जनवरी 2026 के बीच नालंदा विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले हिंदी सम्मेलन एवं थिंक टैंक्स सम्मेलन में भाग लेने का आमंत्रण दिया। साथ ही, जिलाशिक्षा पदाधिकारी के सुझाव के अनुरूप शिक्षकों और विद्यालयों के लिए रिकॉर्ड कीपिंग (अभिलेख प्रबंधन) पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाने की घोषणा की।
बैठक में जिलाशिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने स्थानीय जीविका दीदियों के कौशल विकास से जुड़ी संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे विद्यालयों के लिए यूनिफॉर्म निर्माण जैसे कार्यों में सहयोग मिल सकता है, जिसका सीधा लाभ शिक्षा विभाग को होगा।
इस अवसर पर हिंदी में प्रकाशित न्यूज़लेटर सहभागिता संवाद समाचार का विमोचन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय एवं विद्यालयों द्वारा संयुक्त रूप से किए गए कार्यों का विवरण शामिल है। इसके पहले अंक में डॉ. भीमराव अंबेडकर विद्यालय को विशेष रूप से प्रस्तुत किया गया है।
विद्यालय प्रतिनिधियों ने सहभागिता पहल की सराहना की। डॉ. भीमराव अंबेडकर विद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव रंजन ने कहा कि इससे उनके विद्यालय के छात्रों का वाद-विवाद जैसी गतिविधियों में प्रदर्शन बेहतर हुआ है। वहीं केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य ने परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने और वर्षा जल संचयन की व्यवस्था अपनाने की जानकारी दी।
सहभागिता समन्वयक डॉ. प्रांशु समदर्शी ने बताया कि स्थानीय विद्यालयों के छात्र विश्वविद्यालय में संचालित योग सत्रों में आमंत्रित किए जा रहे हैं तथा भविष्य में एक विशेष कार्यशाला भी आयोजित की जाएगी। बैठक में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों ने पाँच गांवों में चल रहे शोध कार्यों की प्रस्तुति भी दी।
बैठक का समापन कुलपति द्वारा सभी विद्यालयों को आगामी विश्वविद्यालय कार्यक्रमों में आमंत्रित करने तथा सुषमा स्वराज सभागार के समक्ष सामूहिक फोटो सत्र के साथ हुआ।





