करनाल-हरियाणा

धान खरीद के सरकार द्वारा बिना वजह आदेश वापिस लिए जाने के विरोध मे लघु सचिवालय तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा

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धान खरीद के सरकार द्वारा बिना वजह आदेश वापिस लिए जाने के विरोध मे लघु सचिवालय तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा

करनाल, धान खरीद के सरकार द्वारा बिना वजह आदेश वापिस लिए जाने के विरोध जताने को लेकर सोमवार को करनाल के लघु सचिवालय में उपायुक्त से मिलने पहुंचे क्षुब्ध किसानों के साथ पुलिस के जवान भीड़ गए

। पुलिस की इस ज्यादती को देखते हुए आंदोलनकारी किसान नारेबाजी करते हुए पुलिस के घेरे के तौड़ कर आगे बढ़ गए। जहां किसानों ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंप कर तुरंत धान खरीद करवाए जाने की मांग की। इससे पूर्व भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अर्जुन नगर स्थित दीनबंधू सर छोटू राम किसान भवन में जिलाभर से आए सैंकडो किसानों ने जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह घुम्मन की अध्यक्षता में किसान पंचायत का आयोजन किया।

पंचायत में उपस्थित किसानों ने सही धान खरीद न किए जाने का जोरशोर से मुद्दा उठाया। किसान भवन से प्रदेशाध्यक्ष रतन मान की अगुवाई में सभी किसान अपने अपने वाहनों में सवार होकर जिला सचिवालय की ओर कूच किया। सेक्टर-12 के चौंक से लेकर भाकियू के बैनर तले पैदल मार्च निकाल कर रोष जाहिर करते हुए लघु सचिवालय के गेंट के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। किसान नेता रतनमान ने कहा कि जब जब सरकार डरती है, तो सरकार पुलिस को आगे करती है। आज भी किसानों के सामने सरकार का यह रवैया सामने आया है। सरकार किसानों की समस्या के प्रति गंभीर नही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस सीजन के धान खरीद खरीद करने लिए 23 सितम्बर से खरीद के आदेश जारी किए गए थे। उन आदेशों को कई दिन पूर्व अचानक वापिस ले लिया गया। परिणाम स्वरूप अनाज मंडियों धान के रेट 500 से 800 रूपए प्रति किवंटल नीचे आ गए। किसानों की लूट का यही से सिलसिला शुरू हो गया। किसान नेता रतन मान ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने धान खरीद चालू सीजन में करोडों रूपए की लूट करवाने के लिए बिचौलियों के किसानों के धान की फसल को हवाले कर दिया है। साफ वजह है कि सरकार ने धान खरीद के आदेशों को इसी वजह से वापिस लिया है।

उन्होंने कहा कि अधिकारियों का कहना है कि अब एक अक्तूबर से धान की खरीद की शुरू की जाएगी। मान का कहना है कि इतनी देर में तो किसानों के धान की काफी मात्रा में लूट हो चुकी होगी। रतनमान ने कहा कि अब धान को कम दामों में खरीद कर बिचौलिए एमएसपी की दर पर पुन: बेच कर मोटा मुनाफा कमाएगें। जिसके चलते सरकार व प्रशासन के नाक के तले एक बड़ा धान घोटाला जन्म ले लेगा। भाकियू नेता मान ने किसानों से आह्वान करते हुए कहा कि किसानों को अपने हकों के लिए आगे आना होगा। तभी लुटेरों से लूट को बचाया जा सकता है। इस अवसर पर भाकियू उतरी हरियाणा प्रभारी महताब कादियान, चेयरमेन यशपाल राणा, वरिष्ठ किसान नेता बाबूराम डाबरथला, प्रदेश संगठन सचिव शाम सिंह मान, प्रवक्ता सुरेंद्र सागवान, युवा जिलाध्यक्ष नरेंद्र धूमसी, धनेतर राणा, महिंद्र मढाण, नेकी राम, सतबीर गढ़ी बीरबल, दिलावर सिंह डबकोली, रणबीर कतलाहेडी, रमेश बडसत, रामफल नरवाल, प्रेम बल्ला, सतीश चौगामा, दीपचंद मान, राजबीर मान, राम दूरेजा, शमशेर राणा, ओम प्रकाश देशवाल, सुनील नली, डा. सत्यवीर तौमर सहित काफी संख्या में किसान मौजूद थे।

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