दहेज प्रताड़ना व द्विविवाह के मामले में पति को मिली जमानत

वाराणसी:- दहेज प्रताड़ना व द्विविवाह के मामले में आरोपित पति को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई | अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) प्रवीण कुमार की अदालत ने भुल्लनपुर,मंडुआडीह निवासी आरोपित सतीश चंद्र राय उर्फ चुलबुल को 25-25 हजार रुपए की दो जमानतें एवं बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया | अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव,नरेश यादव,रोहित यादव व संदीप यादव ने पक्ष रखा |
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामगढ़, गाजीपुर निवासी वादिनी खुशबू राय ने मंडुआडीह थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी | आरोप था कि उसकी शादी भुल्लनपुर,मंडुआडीह निवासी आरोपित सतीश चंद्र राय उर्फ चुलबुल के साथ 25 जनवरी 2023 को हुई थी | शादी के बाद जब वह विदा होकर अपने ससुराल पहुंची तो पति सतीश चन्द राय उर्फ चुलबुल, ससुर दरोगा राय व सास ने दहेज में उसके पिता के नाम शिवपुर में स्थित जमीन या दस लाख रुपए नगद की मांग को लेकर उसे आये दिन मारने-पीटने व प्रताड़ित करने लगे | इस दौरान उसके पति ने उसके साथ जबरन अनैतिक रूप से दुष्कर्म किया जब उसने इसकी शिकायत अपने सास- ससुर से की तो उसके ससुर ने भी उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया | इस बीच प्रार्थिनी अपने पति के साथ 12 फरवरी 2023 को अपनी ननद छाया राय के घर रमना वाराणसी पर आयी,जहाँ रात्रि लगभग 11: 30 बजे प्रार्थिनी का पति प्रार्थिनी के साथ जोर जबरदस्ती व मारपीट कर घर से निकालने लगा और कहने लगा कि यदि तुमने सारी घटना अपने पिता या परिवार वालों को बतायी तो मैने तुम्हारे साथ अनैतिक शारीरिक सम्बन्ध स्थापित किया था उसकी वीडियो फेसबुक व व्हाट्सअप पर अपलोड कर दूँगा और तुम्हारे पिता की हत्या भी करा दूंगा व तुम्हारी छोटी बहन को बदनाम कर दूंगा उसने सारी बात अपनी मां को बताई तो उसके पिता उसको अस्पताल में दिखाने को कहकर प्रार्थिनी को बिदा कराकर ले आये, तब से प्रार्थिनी अपने पिता के साथ वाराणसी शहर में निवास कर रही है बाद में प्रार्थिनी के पिता 9 मई 2025 को प्रार्थिनी को लेकर ससुराल गये,ससुराल वालों ने उसे घर में घुसने नहीं दिया |
इस बीच उसे पता चला कि उसके पति ने नवम्बर 2024 में चोरी से दीपू राय नामक युवती के साथ दूसरा विवाह कर लिया है इस मामले में पुलिस ने पति व सास-ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था इसी मामले में आरोपित ने अपने अधिवक्ताओं के साथ कोर्ट में समर्पण कर जमानत के लिए अर्जी दी थी ||





