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Silver Price Crash: रिकॉर्ड हाई से 44 हजार रुपये टूटी चांदी, जानें अचानक गिरावट की बड़ी वजह

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Chandi Ka Aaj Ka Bhav: MCX पर 6% की तेज गिरावट, 4.20 लाख के शिखर से फिसलकर 3.75 लाख रुपये प्रति किलो पर आई चांदी

व्यापार। लगातार रिकॉर्ड बनाने के बाद चांदी की कीमतों में शुक्रवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी करीब 6 प्रतिशत टूट गई और इसका भाव 3,75,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। यह गिरावट पिछले सत्र में बनाए गए रिकॉर्ड हाई 4,20,048 रुपये प्रति किलो से करीब 44,000 रुपये यानी लगभग 10 प्रतिशत कम है।

तेज उछाल के बाद आई इस गिरावट ने सर्राफा बाजार में हलचल बढ़ा दी है। हालांकि इसके बावजूद चांदी इस महीने अब तक ऐतिहासिक तेजी के रास्ते पर बनी हुई है।

MCX और घरेलू बाजार का हाल

शुक्रवार, 30 जनवरी को MCX पर चांदी के दामों में भारी दबाव देखा गया। बीते सत्र में ऑल टाइम हाई छूने के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे कीमतों में तेज फिसलन आई। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी बड़ी तेजी के बाद यह करेक्शन स्वाभाविक माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी नरमी

वैश्विक स्तर पर भी चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट सिल्वर 0.2 प्रतिशत टूटकर 115.83 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। एक दिन पहले ही चांदी ने 121.64 डॉलर प्रति औंस का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था।
हालांकि जनवरी महीने में अब तक चांदी की कीमतों में करीब 62 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है, जो इसके इतिहास का सबसे मजबूत मासिक प्रदर्शन माना जा रहा है।

गिरावट के पीछे क्या है वजह?

विशेषज्ञों के अनुसार, आज की गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर रखने के फैसले से डॉलर इंडेक्स को सहारा मिला, जिसका सीधा असर कीमती धातुओं पर पड़ा।
फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने संकेत दिया है कि दिसंबर में महंगाई दर अब भी 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर रह सकती है। इसके अलावा अमेरिकी बेरोजगारी दावों में कमी आने से भी डॉलर को मजबूती मिली है, जिससे सुरक्षित निवेश वाली धातुओं पर दबाव बढ़ा।
2,016.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

आगे क्या रहेगा आउटलुक?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक विकास, व्यापार नीतियों और राजकोषीय स्थिरता को लेकर बनी अनिश्चितता डॉलर पर दबाव बनाए रख सकती है। इससे आने वाले समय में सोने-चांदी को फिर से समर्थन मिलने की संभावना है।
वीटी मार्केट्स के ग्लोबल स्ट्रैटेजी ऑपरेशंस लीड रॉस मैक्सवेल के अनुसार, बढ़ती क्रॉस-एसेट अस्थिरता के बीच सुरक्षित निवेश के तौर पर कीमती धातुओं की मांग बनी रह सकती है। नरम या सीमित दायरे में कारोबार करता डॉलर सोने और चांदी के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

Sallauddin Ali

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