खिड़की विवाद में पुलिस पर मिलीभगत के आरोप, मानवाधिकार आयोग ने दर्ज की शिकायत

खिड़की विवाद में पुलिस पर मिलीभगत के आरोप, मानवाधिकार आयोग ने दर्ज की शिकायत
पुलिस शिकायत प्रकोष्ठ, पुलिस मुख्यालय लखनऊ व पुलिस महानिदेशक लखनऊ को शिकायती पत्र भेज लगाए न्याय की गुहार
नजीबाबाद के हवेली तला प्रकरण में शिकायतकर्ता की शिकायत डायरी संख्या 6877/IN/2026 पर दर्ज — स्थानीय पुलिस से जांच कराने पर उठे सवाल
नजीबाबाद, बिजनौर।
मौहल्ला हवेली तला, आजाद पब्लिक स्कूल वाली गली में दूसरे पक्ष के निजी उपयोग वाले रास्ते की ओर कथित रूप से खिड़की खोले जाने को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस की भूमिका और मानवाधिकारों से जुड़े सवालों तक पहुंच गया है। मामले में शिकायतकर्ता मुहम्मद जीशान पुत्र फुरकान अहमद ने स्थानीय पुलिसकर्मियों पर कथित पक्षपात, एक पक्ष को संरक्षण देने, धमकाने तथा पुलिस पद के कथित दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार 19 अगस्त 2026 को ही थाना नजीबाबाद में लिखित शिकायत देकर मकान की दूसरी मंजिल की पूर्वी दीवार से विवादित रास्ते की ओर खिड़की खोले जाने के निर्माण कार्य पर आपत्ति जताते हुए जांच एवं निर्माण रुकवाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद शिकायतकर्ता का आरोप है कि 23 अगस्त को शाम करीब चार बजे दीवार तोड़कर बड़ी खिड़की स्थापित कर दी गई।

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि घटना के दौरान जाब्तागंज पुलिस चौकी पर तैनात एसआई लव गिरी, पुलिसकर्मी विरेन्द्र एवं सिद्धार्थ मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विरोध कर रही महिलाओं को कथित रूप से डराया-धमकाया गया तथा दूसरे पक्ष को खिड़की लगाने में संरक्षण दिया गया। वहीं सदफ पत्नी कमरूल इस्लाम, इस्लाम, अदनान एवं अफनान आदि पर मिस्त्री की मदद से खिड़की लगाए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार विरोध करने पर उसे और अन्य पुरुषों को कथित रूप से झूठे छेड़छाड़/बलात्कार के मुकदमे में फंसाने तथा गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई। घटना के दौरान शिकायतकर्ता और उसकी पत्नी रहनुमा ने डायल-112 पर सूचना दी। शिकायतकर्ता का दावा है कि 112 वाहन का सायरन सुनकर मौके पर मौजूद कुछ लोग वहां से हट गए।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि बाद में एसआई लव गिरी मौके पर पहुंचे और महिलाओं पर दबाव बनाते हुए कथित रूप से कहा कि “चाहे मेरी वर्दी उतर जाए, खिड़की को मैं कायम कराकर ही रहूंगा।” शिकायतकर्ता ने इस कथन को जांच का विषय बताते हुए 112 रिकॉर्ड, पुलिस की GPS लोकेशन, CCTV, GD/रोजनामचा तथा मोबाइल वीडियो के आधार पर सत्यापन की मांग की है।

जनसुनवाई के बाद भी स्थानीय थाने को जांच
शिकायतकर्ता ने 24 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, जिसका संदर्भ संख्या 40013426030415 है। इसके जवाब में बिजनौर पुलिस की ओर से सार्वजनिक रूप से कहा गया कि “थाना प्रभारी नजीबाबाद को जांच कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया।”
शिकायतकर्ता ने इसी जांच व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब शिकायत में स्वयं स्थानीय पुलिसकर्मियों की भूमिका पर आरोप लगाए गए हैं, तो उसी स्थानीय थाना व्यवस्था से जांच कराया जाना जांच की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर प्रश्न खड़ा करता है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच किसी स्वतंत्र वरिष्ठ राजपत्रित पुलिस अधिकारी अथवा अन्य सर्किल/जनपद के अधिकारी से कराने की मांग की है।

मानवाधिकार आयोग में पहुंचा मामला
मामले को लेकर उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में भी शिकायत दाखिल की गई है। आयोग की प्राप्ति के अनुसार शिकायत को डायरी संख्या 6877/IN/2026 प्रदान की गई है तथा मामले की श्रेणी “ABUSE OF POWER” दर्ज की गई है।
शिकायत में आयोग से 19 अगस्त की पूर्व शिकायत पर हुई कार्रवाई, 23 अगस्त की घटना, पुलिसकर्मियों की कथित भूमिका तथा शिकायतकर्ता को प्रभावी पुलिस संरक्षण मिलने अथवा न मिलने की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
इन रिकॉर्ड को सुरक्षित कराने की मांग
शिकायतकर्ता ने अधिकारियों से विशेष रूप से 23 अगस्त की डायल-112 कॉल की ऑडियो रिकॉर्डिंग, 112 वाहन की GPS/AVL लोकेशन, dispatch एवं response record, संबंधित पुलिसकर्मियों की GD/ड्यूटी एवं रवानगी प्रविष्टियां, जाब्तागंज चौकी एवं थाना नजीबाबाद के CCTV फुटेज तथा घटनास्थल के आसपास के निजी CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है।
साथ ही 19 अगस्त को दी गई पूर्व शिकायत और उस पर हुई कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड भी जांच में शामिल करने की मांग की गई है।
पुलिसकर्मियों के विरुद्ध पूर्व से न्यायिक वाद का भी उल्लेख
शिकायतकर्ता की मांग है कि पूरे प्रकरण में आरोपों की सत्यता का निर्धारण स्वतंत्र जांच, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक एवं पुलिस अभिलेखों के आधार पर किया जाए तथा यदि किसी व्यक्ति अथवा पुलिसकर्मी के विरुद्ध अपराध या कदाचार प्रमाणित होता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आईरा न्यूज़ के लिए रिपोर्ट — नजीबाबाद, जनपद बिजनौर।






