स्टील गेट का जाम बना सिरदर्द, धनबाद के मेयर संजीव सिंह ट्रैफिक DSP के साथ मिलकर निकालेंगे रास्ता

धनबाद: शहर के स्टील गेट में लगने वाला जाम अब बड़ी परेशानी बन चुका है। सुबह से रात तक लगने वाले इस जाम से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समस्या के समाधान को लेकर धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने पहल करते हुए ट्रैफिक डीएसपी अरविंद सिंह के साथ स्टील गेट क्षेत्र का निरीक्षण किया।
दरअसल, स्टील गेट धनबाद शहर का टैफिक के नजरिए भारी दबाव का स्थल है। स्टील गेट चौक पर चारों तरफ से दिनभर वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। यह चाैक बीसीसीएल मुख्यालय से लेकर मेडिकल कालेज के साथ धनबाद शहर और गोविंदपुर को जोड़ता है। इसके नजदीक ही मेयर संजीव सिंह का घर सिंह मैंशन और कुंती निवास है।
सरायढेला क्षेत्र में गुरुकृपा से लेकर प्रगति नर्सिंग होम तक हमेशा जा लगा रहता है। इस समस्या के समाधान के लिए गुरुवार को धनबाद के मेयर संजीव सिंह ने ट्रैफिक डीएसपी एवं नगर निगम अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान धनबाद-गोविंदपुर मुख्य सड़क के स्टील गेट क्षेत्र की जमीनी स्थिति को गंभीरता से परखा गया, जहां प्रतिदिन जाम के कारण आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि जाम की समस्या केवल बढ़ते वाहनों का परिणाम नहीं, बल्कि कई व्यवस्थागत खामियों का नतीजा है।
सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, अस्पताल क्षेत्र में अत्यधिक दबाव और ट्रैफिक प्रबंधन की कमी से स्थिति और गंभीर हो जाती है। प्रगति नर्सिंग होम सहित आसपास के स्वास्थ्य संस्थानों के कारण एम्बुलेंस और मरीजों के वाहनों की आवाजाही भी यातायात को प्रभावित करती है।
मेयर संजीव सिंह का बयान
“सरायढेला में जाम की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसे अब गंभीरता से लिया गया है। अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर सभी पहलुओं का आकलन किया गया है। बहुत जल्द ठोस कदम उठाकर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा, ताकि धनबादवासियों को जाम से राहत मिल सके।”
ट्रैफिक डीएसपी का बयान
“संयुक्त निरीक्षण के दौरान जाम के प्रमुख कारणों की पहचान की गई है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से जल्द ही विशेष अभियान चलाया जाएगा। नो-पार्किंग नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा और उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। पीक आवर्स में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर यातायात को सुचारू बनाने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन और आम जनता के सहयोग से इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम किया जाएगा।”
अतिक्रमण हटाने का विशेष अभियान
नो-पार्किंग ज़ोन का सख्ती से पालन
पीक आवर्स में अतिरिक्त ट्रैफिक बल की तैनाती
अस्पताल क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था
जरूरत पड़ने पर वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू
मेयर के इस निरीक्षण को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक निर्णायक पहल माना जा रहा है। यदि प्रशासन तय रणनीति के अनुसार सख्ती से काम करता है, तो सरायढेला क्षेत्र में वर्षों पुरानी जाम की समस्या से राहत मिल सकती है। अब नजर इस बात पर है कि यह पहल ज़मीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।


















