भागवत समाप्ति के बाद कलश विसर्जन करने आए दो की डूबने से मौत, मृतकों में एक अग्निवीर शामिल
भागवत समाप्ति के बाद कलश विसर्जन करने आए दो की डूबने से मौत, मृतकों में एक अग्निवीर शामिल
जनपद मैनपुरी जिला ब्यूरो अमन कुमार
मैनपुरी – थाना क्षेत्र के काली नदी पर भागवत समाप्ति के बाद कलश विसर्जित करने आए मामा भांजे की काली नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना से हड़कंप है। अचानक हुई मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। कलश विसर्जन के दौरान डूब रहे मामा को बचाने के लिए अग्निवीर भांजा भी नदी में कूदा था जिसकी तेज बहाव में बहने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी है। मामले के अनुसार थाना एलाऊ के माझगांव निवासी बंशीलाल पुत्र भजनलाल के यहां श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन हुआ था। सोमवार को कथा समापन के बाद मंगलवार को परिजन बड़ी संख्या में फर्रुखाबाद रोड स्थित काली नदी पर कलश विसर्जन करने गए थे। जहां कलश विसर्जन के दौरान जितेंद्र पुत्र बंशीलाल 50 वर्ष पानी की तेज बहाव में बह गया। जितेंद्र को बहता देख उनका भांजा अंशुल पुत्र जगतपाल निवासी नगला मोहन जिला एटा मामा को बचाने के लिए नदी में कूद गया। तेज बहाव में दोनों ही बह गए। आनन – फानन में दो दर्जन गोताखोरों ने सघन तलाशी शुरू की। सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। दोपहर 2:00 बजे के लगभग गोताखोरों ने दोनों को गंभीर अवस्था में बाहर निकाला। परिजन आनन फानन में निजी वाहनों से फर्रुखाबाद के लिए ले गए जहां चिकित्सकों ने जितेंद्र 50 वर्ष, अंशुल 20ं वर्ष को मृत घोषित कर दिया। अंशुल जितेंद्र का भांजा था। वर्ष 2023 में अग्निवीर के तहत सेना में भर्ती हुआ था। 11 मई 2024 को अंशुल की शादी हुई थी। घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वही जितेंद्र की पत्नी सुनीता व तीन बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल है। पुलिस ने परिजनों की सूचना पर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।


















