झारखण्ड

4 फरवरी को आदिवासी एकता रैली से संबंधित पूर्व मंत्री बंधु तुर्की ने की बैठक

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आईरा न्यूज़ नेटवर्क : स्टेट हेड

रांची : पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासी एकता महारैली राज्य के विभिन्न आदिवासी/सरना समितियों और सभी आदिवासी समुदाय सवालों को उठाने उनके हक अधिकारों को बचाने के लिए आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा आरएसएस की आदिवासी विरोधी नीतियां ,आदिवासी समुदाय को आपस में लड़ाकर बांटने की षडयंत्र के खिलाफ और आदिवासियों के बुनियादी ज्वलंत मुद्दों को दल हाशिए में ले जाने की कोशिश के खिलाफ 4 फरवरी दिन – रविवार ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान रांची में आदिवासी एकता महारैली की सफलता की तैयारी को लेकर रांची जिले ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के नेताओं – कार्यकर्ताओं की एक आवश्यक बैठक रांची में हुई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री बंधु तिर्की ने कहा कि आदिवासी एकता महारैली राज्य के विभिन्न आदिवासी/सरना समितियों और सभी आदिवासी समुदाय सवालों को उठाने उनके हक अधिकारों को बचाने के लिए आयोजित है। आदिवासी एकता महारैली आयोजन समिति के संयोजक लक्ष्मीनारायण मुंडा ने कहा कि आदिवासी समुदाय को डीलिस्टिंग के नाम पर आपस में लड़ाने, उनके अस्तित्व और संवैधानिक अधिकारों को समाप्त करने में लगी हुई है। केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि यूसीसी कानून, वनाधिकार अधिनियम,सरना कोड मामले में भाजपा आरएसएस और उसके संपोषित संगठन जनजाति सुरक्षा मंच चुप रहती है। इनके अलावे प्रभाकर तिर्की, दयामनी बारला,बासवी किड़ो,अमर उरांव, रतन तिर्की, रमा खलखो, हरिनारायण महली,हरि भगत आदि ने भी संबोधित किया।

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