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मुख्य विकास अधिकारी द्वारा नैनो यूरिया प्रयोग करके पर्यावरण बचाने का आह्वान

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आईरा न्यूज़ नेटवर्क बिजनौर से विकास अग्रवाल की रिपोर्ट

बिजनौर । इफको द्वारा विकास भवन सभागार में सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इफको के मुख्य क्षेत्र प्रबंधक शैलेंद्र सिंह द्वारा स्वागत करते हुए सहकारी सहकारी समितियों के व्यवसाय विविधीकरण मैं इफको के अन्य उत्पादों के महत्व के बारे में बताया । इफको के क्षेत्र अधिकारी प्रवीण सिंह द्वारा इफको जल विलय उर्वरक, जैव उर्वरक, सगरीका आदि उत्पादो के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक संजय गुप्ता द्वारा सहकारीता विकास में जिला सहकारी बैंक के योगदान की चर्चा की गई। सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक डॉ प्रदीप कुमार सिंह द्वारा नए कृषि उत्पादों को कृषको तक पहुंचाने में सहकारिता विभाग के योगदान के बारे में चर्चा की, उनके द्वारा मिट्टी में खत्म हो रही उर्वरा शक्ति को एक चिंता बताते हुए सतर्क रहने के सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि बेहतर उपज के लिए मृदा परीक्षण के साथ-साथ संतुलित उर्वरक प्रयोग भी करना पड़ेगा। इफको राज्य कार्यालय से आये मुख्य क्षेत्र प्रबंधक यतेंद्र कुमार तेवतिया द्वारा नैनो यूरिया के लाभ ,प्रयोग की विधि व सावधानी पर विस्तृत चर्चा करते हुए जानकारी दी गई कि नैनो यूरिया, दानेदार यूरिया से अधिक कारगर सस्ती एवं पर्यावरण अनुकूल है। इसके प्रयोग से हमारे देश के लाखों करोड़ों रुपए की अनुदान की राशि की बचत की जा सकती है। उनके द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि दानेदार यूरिया मात्र 25% ही पौधों द्वारा ग्रहण की जाती है बाकी 75% या तो जल के साथ नीचे चला जाता है या गैस बन कर पर्यावरण में मिल जाता है जो वातावरण को प्रदूषित करता हैं। जबकि नैनो यूरिया अधिकतर पौधों द्वारा पत्तियों से ग्रहण की जाती है जिससे ना तो भूमि ना ही जल प्रदूषण होता है ,उनके द्वारा अवगत कराया गया कि नैनो यूरिया 4m.l. प्रति लीटर तक सभी फसलों में प्रयोग की जा सकती है ।एक बोतल लगभग 1 एकड़ के लिए पर्याप्त है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्ण बोरा मुख्य विकास अधिकारी बिजनौर द्वारा नैनो यूरिया के प्रचार-प्रसार हेतु सहकारी समितियों के सचिवों को दिशा निर्देश दिए गए, उनके द्वारा सहकारी समितियों के क्षेत्र के गांव में कृषक गोष्ठी कर किसानों को नैनो यूरिया के लाभ के बारे में जानकारी देने के लिए निर्देशित किया गया। उन्होंने इफको द्वारा सहकारी समितियों को पावर स्प्रेयर उपलब्ध कराने के लिए कहा ताकि किसान नैनो यूरिया का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग कर सकें, जिससे आयातित यूरिया पर खर्च होने वाली अनुदान राशि में कमी की जा सके। झिलमिल ग्राम निवासी कृषक श्री गौरव डवास द्वारा प्रयोग किए गए इफको नैनो यूरिया एवं सागरिका के द्वारा प्रभाव के बारे में जानकारी दी गई। कार्यक्रम में लगभग 100 सहकारी समितियों के सचिव एवं कृषक मौजूद रहे।

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