करनाल – अतिरिक्त उपायुक्त योगेश कुमार की अध्यक्षता में स्थानीय लघु सचिवालय के सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय पीएलएचआईवी कम्यूनिटी सिस्टम स्ट्रेंथनिंग मीटिंग का आयोजन किया गया। इस बैठक में पीएलएचआईवी व्यक्तियों के स्वास्थ्य विभाग से सिविल सर्जन डा. योगेश शर्मा, उप सिविल सर्जन (टी0बी0) डा. सिम्मी कपूर, विभाग के अन्य उप सिविल सर्जन, पंचकूला से डा. उजिता तथा जिला करनाल के अन्य विभागों के अधिकारियों व प्रतिनिधियों द्वारा भाग लिया गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इस स्कीम के बारे में लोगों को जागरूक करें और समझाएं कि परामर्शदाता से सम्पर्क करके इस बीमारी से बचें। उन्होंने कहा कि लोगों को एचआईवी टैस्टिंग के प्रति प्रेरित करें और समय पर उनका ईलाज करवाएं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी से ग्रस्त लोगों के उत्थान के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित करें।
बैठक में पंचकूला हरियाणा एड्स कन्ट्रोल सोसायटी से डा. उजिता द्वारा पीएलएचआईवी की बेसिक समस्याओं के निवारण करने के लिए सम्बन्धित विभागों के अधिकारियों से अनुरोध किया गया की आप अपने-अपने स्तर पर एक नोडल अधिकारी का चुनाव करें, ताकि इस (पीएलएचआईवी) व्यक्तियों की जो भी समस्याएं हैं उनका निवारण समय पर हो पाए ।
उन्होंने यह भी बताया की नोडल अधिकारी के चुनाव से इन लोगों (पीएलएचआईवी) की गोपनियता रहेगी और इन लोगों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो पाए। उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों से अपील की, कि वह अपने-अपने विभागों के परिसर में एचआईवी/एडस होर्डिंग अपने-अपने आईईसी मैटिरियल में एचआईवी टोल फ्री हैप्पलाईन नम्बर 1097 को जोड़ें व इसके साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा एचआईवी/एडस अवेयरनैस के लिए एचआईवी टैस्टिंग केम्पस का आयोजन करें। उन्होंने कहा कि सरल पोर्टल पर जो भी योजनाएं उपलब्ध हैं उनमें पीएलएचआईवी का प्राथमिकता के आधार पर रजिस्ट्रेशन हो, ताकि उनको भी सरकार दी जाने वाली इन योजनाएं लाभ प्राप्त हो सके।
सुमरिन योगी की रिपोर्ट
















