अपराधवाराणसी/उत्तरप्रदेश

हत्या के गवाह को जान से मारने की धमकी, जमानत पर छूटे आरोपी बेखौफ! CCTV में कैद हुई करतूत

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प्रशासन के लिए यह परीक्षा की घड़ी है—क्या गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाएगी?

वाराणसी। वर्ष 2019 के हुकुलगंज का चर्चित जूता कारोबारी अरविंद हत्याकांड के गवाह को एक बार फिर जान से मारने की धमकी दी गई है। दिनांक 1 फरवरी 2026, रविवार को शाम लगभग 5 बजे जमानत पर बाहर चल रहे आरोपी गवाह के घर पहुँच गए और आगामी 9 फरवरी की तारीख पर गवाही न देने की सख्त चेतावनी दी। आरोपियों ने साफ कहा कि यदि गवाही दी तो “अंजाम भुगतने को तैयार रहना।”गनीमत यह रही कि व्यापारी के घर पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है। आरोपियों की घर पहुंचकर धमकी देने की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में आरोपी स्पष्ट रूप से नजर आ रहे हैं, जो गवाह के घर के बाहर खड़े होकर धमकी देते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो अब पुलिस जांच का अहम साक्ष्य बन सकता है।बताया जा रहा है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की नीयत से पहुंचे थे, लेकिन दुकान पर मौजूद लोगों की भीड़ देखकर केवल धमकी देकर लौट गए। घटना के बाद से गवाह और उसका पूरा परिवार दहशत में है और डर के साये में नकेररीवन जी रहा है।गवाह ने इस संबंध में वाराणसी पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत देकर जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है।मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। थाना प्रभारी लालपुर-पांडेयपुर ने भी प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि अगस्त 2019 में कुछ मनबढ़ युवक शराब के नशे में एक व्यक्ति की पिटाई कर रहे थे। जूता कारोबारी अरविंद ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, जिससे नाराज होकर आरोपी थोड़ी देर बाद लौटे और बटनदार चाकू से उन पर हमला कर दिया। गर्दन और पेट में गंभीर चोट लगने के बाद उन्हें सिंह मेडिकल फिर पंडित दीनदयाल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।अरविंद अपने परिवार के इकलौते सहारा थे। उनके पीछे पत्नी, दो मासूम बच्चे (तब 5 और 7 वर्ष के) और वृद्ध मां हैं। उस समय कैंट क्षेत्र में तैनात तत्कालीन सीओ अनिल कुमार ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था।अब वही आरोपी जमानत पर बाहर आकर गवाहों को खुलेआम धमका रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
यदि प्रशासन ने मामले पर सख्त कदम नहीं उठाए, तो न्याय प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है और किसी बड़ी अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

Sallauddin Ali

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