देश भर में मुस्लिम सांसदों का आंकड़ा,कितनो को मिला टिकट,कितनो को मिली फतेह

आईरा न्यूज नेटवर्क विशेष,,,,
लोकसभा चुनाव 2024 में तमाम पार्टियों ने पिछली बार से कम मुस्लिम उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था. अब चुनाव के नतीजे सामने हैं. जहां 2019 के लोकसभा चुनावों में 26 मुस्लिम उम्मीदवार जीतकर संसद पहुंचे थे वहीं यह आंकड़ा कम होकर 2024 में 24 हो गया है. यह अभी भी 2014 से अधिक है जब 23 मुस्लिम उम्मीदवार जीते थे.
2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा एक ऐसा राजनीतिक दल है जिसने सबसे ज्यादा मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा है। बसपा ने 35 मुसलमानों को टिकट दिया है। इसमें से 17 टिकट यूपी में दिए हैं जबकि मध्य प्रदेश में चार, बिहार और दिल्ली में तीन-तीन, उत्तराखंड में दो और राजस्थान, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, झारखंड, तेलंगाना और गुजरात में एक-एक मुस्लिम नेता को बसपा चुनाव लड़ा रही है।
2019 के लोकसभा चुनाव में मुस्लिम समुदाय के 39 नेताओं को बसपा ने प्रत्याशी बनाया था लेकिन 2014 में यह आंकड़ा 61 था। इसका मतलब यह है कि बसपा ने भी 2014 के मुकाबले मुस्लिम समुदाय के उम्मीदवारों को लगातार कम टिकट दिए हैं।
लोकसभा चुनाव में मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या लगातार घटती जा रही है। 2019 में जहां कांग्रेस, टीएमसी, सपा, राजद, एनसीपी और सीपीएम ने 115 मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था, वहीं 2024 में 12 राजनीतिक दलों ने कुल 1490 उम्मीदवारों को टिकट दिया और इनमें से सिर्फ 80 मुस्लिम हैं।बीजेपी ने सिर्फ एक मुस्लिम उम्मीदवार को चुनाव में टिकट दिया है जबकि बिहार में इसकी सहयोगी जेडीयू ने कुल दो मुस्लिम नेताओं को प्रत्याशी बनाया है।
कांग्रेस ने इस बार 19 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव में उतारे हैं। जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने 34 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिया था। मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारने के मामले में टीएमसी तीसरे नंबर पर है टीएमसी ने कुल 6 मुस्लिम उम्मीदवार उतारे हैं और इसमें से पांच टीएमसी के शासन वाले पश्चिम बंगाल में है एक मुस्लिम उम्मीदवार को टीएमसी ने असम में टिकट दिया है।
समाजवादी पार्टी ने सिर्फ चार मुस्लिम नेताओं को टिकट दिया है जबकि उत्तर प्रदेश में माना जाता है कि मुस्लिम समुदाय के बड़े हिस्से का समर्थन सपा के साथ है 2019 में सपा ने 2024 के मुकाबले दोगुने उम्मीदवारों को टिकट दिया था 2014 में सपा की ओर से उतारे गए मुस्लिम उम्मीदवारों का आंकड़ा 39 था।
बिहार में लंबे वक्त तक सरकार चलाने वाली राष्ट्रीय जनता दल का मुख्य आधार मुस्लिम यादव वोट बैंक ही है लेकिन राजद ने भी इस बार सिर्फ दो मुसलमानों को प्रत्याशी बनाया है जबकि 2019 में उसने पांच मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे और 2014 में यह आंकड़ा 6 था।




























