केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान में तिब्बती महिला विद्रोह दिवस का आयोजन

तिब्बती महिलाओं के साहस और संघर्ष को किया गया स्मरण ||
विद्यार्थियों ने पोस्टर,गीत और चर्चा के माध्यम से दिया समानता का संदेश ||
नारी स्वतंत्र और शिक्षित होगी तो देश होगा समृद्ध –प्रो.उमेश सिंह ||
तिब्बती महिला विद्रोह दिवस पर लैंगिक समानता और सम्मान पर हुआ विमर्श ||
वाराणसी :- केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ के शिक्षक शिक्षण केंद्र द्वारा तिब्बती महिला विद्रोह दिवस का आयोजन नालंदा भवन के मुख्य द्वार पर किया गया। यह कार्यक्रम बीएड द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों द्वारा तथा डॉ.अनिल कुमार गुप्ता,सहायक प्रोफेसर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया | इस कार्यक्रम में तिब्बती महिलाओं के 1959 के ऐतिहासिक आंदोलन,उनके साहस, संघर्ष और योगदान को स्मरण किया गया | विद्यार्थियों ने पोस्टर प्रस्तुति,चर्चा, प्रेरणादायक गीत तथा विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं के अधिकार, समानता और गरिमा के महत्व पर अपने विचार प्रस्तुत किए |
इस अवसर पर सहायक कुलसचिव प्रमोद सिंह ने कहा कि स्त्रियां समाज की महत्वपूर्ण धुरी हैं इनके सहयोग के बिना किसी भी देश की तरक्की संभव नहीं है | सीटीई के निदेशक प्रोफेसर उमेश सिंह कहा कि जिस देश में जहां नारी स्वतंत्र और शिक्षित होगी वह देश सांस्कृतिक और साहित्यिक रूप से समृद्ध होगा | कार्यक्रम के पेमा तेनजिन,कोंचोक दोर्जे, दोर्जे त्सेरिंग,न्यिमा ल्हामो,तेनजिन न्यिदोन,कोंचोक नामग्याल,सोनम अंगमो, स्टानजिंग मिगमार,तेनजिन चेवांग तथा तेनजिन त्सोमो ने अपने विचार व्यक्त किए और तिब्बती महिलाओं के संघर्ष,साहस तथा समाज में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला | कार्यक्रम का उद्देश्य तिब्बती महिलाओं के साहस और संघर्ष को स्मरण करते हुए समाज में लैंगिक समानता,न्याय और सम्मान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था ||
























