“नवादा पंचायत में विकास घोटाले की गूंज-जिलाधिकारी की बड़ी कार्रवाई, ग्राम प्रधान के अधिकार सीज”
“नवादा पंचायत में विकास घोटाले की गूंज — जिलाधिकारी की बड़ी कार्रवाई, ग्राम प्रधान के अधिकार सीज”
हल्दौर/बिजनौर।
ग्राम पंचायत नवादा में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं के आरोपों ने प्रशासन को कड़ा रुख अपनाने पर मजबूर कर दिया है। ग्रामीणों की शिकायतों के आधार पर हुई प्रारंभिक जांच में प्रथम दृष्टया दोष पाए जाने के बाद जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार तत्काल प्रभाव से सीज कर दिए हैं। इस कार्रवाई से पंचायत स्तर पर जवाबदेही को लेकर सख्त संदेश गया है।
जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने पंचायत क्षेत्र में कराए गए कई विकास कार्यों में अनियमितताओं की शिकायत की थी। आरोपों में विशेष रूप से हैंडपंप रिबोरिंग, सीसी रोड निर्माण तथा अन्य विकास कार्यों में गुणवत्ता और वित्तीय गड़बड़ी का मुद्दा उठाया गया था। जांच के दौरान यह पाया गया कि कार्यों के निष्पादन में प्रक्रियात्मक पारदर्शिता का समुचित पालन नहीं हुआ और वित्तीय अनुशासन की अनदेखी की गई।
प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध होने पर जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए। साथ ही विस्तृत जांच के लिए जिला विकास अधिकारी तथा संबंधित तकनीकी अधिकारियों को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। संबंधित सचिव एवं अभियंता के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस कदम को ग्रामीण विकास योजनाओं में पारदर्शिता और सुशासन सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
























