मनरेगा घोटाले में बड़ा एक्शन: 4.67 लाख की अनियमितता पर रोजगार सेवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने एवं संविदा समाप्त करने के निर्देश
मनरेगा घोटाले में बड़ा एक्शन: 4.67 लाख की अनियमितता पर रोजगार सेवक के विरुद्ध FIR के आदेश
बिजनौर, 22 फरवरी 2026।
बिजनौर में मनरेगा योजना के अंतर्गत वित्तीय अनियमितता के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने एवं संविदा समाप्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम नूरपुर अरब निवासी प्रमोद द्वारा की गई शिकायत पर उपायुक्त (श्रम रोजगार) से जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि ग्राम रोजगार सेवक शहबाज पुत्र अय्यूब द्वारा अपने परिजनों के डुप्लीकेट जॉब कार्ड जारी कर फर्जी मस्टररोल भरे गए तथा बिना कार्य कराए भुगतान किया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि एक बिरादरी के व्यक्तियों के नाम दूसरी बिरादरी के जॉब कार्ड में जोड़कर कूटरचना की गई तथा काल्पनिक व्यक्तियों के नाम से जॉब कार्ड बनाकर सरकारी धनराशि का दुरुपयोग किया गया। नियमित संविदा कर्मी आंगनबाड़ी सहायिका श्रीमती यशोदा को भी फर्जी मस्टररोल के आधार पर भुगतान कराया गया।
जांच रिपोर्ट के अनुसार कुल ₹4,67,436/- की धनराशि के दुर्विनियोग की पुष्टि हुई है।
जिलाधिकारी ने खंड विकास अधिकारी/कार्यक्रम अधिकारी, विकास खंड कोतवाली को संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को अपचारी ग्राम रोजगार सेवक की संविदा समाप्त करने हेतु नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। जिला पंचायतराज अधिकारी को शीघ्र ग्राम पंचायत की बैठक आयोजित कर संविदा समाप्ति की प्रक्रिया पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
साथ ही जिला कार्यक्रम अधिकारी को आंगनबाड़ी सहायिका के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए धनराशि की वसूली सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि यह प्रकरण गंभीर वित्तीय अनियमितता एवं पद के दुरुपयोग से संबंधित है तथा इसमें किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




























