आईटी इंजीनियर से आईपीएस तक: कुंवर अनुपम सिंह बने जौनपुर के नए SSP, कानून-व्यवस्था में आएगा हाईटेक एक्शन

जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किए गए बड़े प्रशासनिक फेरबदल के तहत जौनपुर जिले को नया पुलिस कप्तान मिल गया है। 2013 बैच के तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी कुंवर अनुपम सिंह को जौनपुर का नया वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति 4–5 फरवरी 2026 की रात प्रदेश में हुए 24 आईपीएस अधिकारियों के तबादले की सूची के अंतर्गत की गई है।
कुंवर अनुपम सिंह इससे पहले सुल्तानपुर जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात थे, जहां उनका कार्यकाल सख्त कानून-व्यवस्था, तेज कार्रवाई और फील्ड पुलिसिंग के लिए जाना गया। अपराध नियंत्रण, जनता से संवाद और प्रशासनिक पकड़ के चलते वे एक प्रभावशाली और परिणामोन्मुख अफसर के रूप में पहचाने जाते हैं।
इंजीनियर से आईपीएस तक का प्रेरणादायक सफर
प्रयागराज (पूर्व में इलाहाबाद) के निवासी कुंवर अनुपम सिंह ने स्नातकोत्तर स्तर तक शिक्षा प्राप्त की है। खास बात यह है कि उनके पास कंप्यूटर साइंस/सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की डिग्री है। निजी क्षेत्र में शानदार करियर के अवसर होने के बावजूद उन्होंने देश सेवा के लिए सिविल सेवा को चुना।
उन्होंने 2011 में पहली बार सिविल सेवा परीक्षा दी, लेकिन सफल नहीं हो सके। इसके बाद दिल्ली में कोचिंग लेकर 2012 में दोबारा प्रयास किया और आईपीएस में चयनित हुए—यह उनकी मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
अमरोहा से सुल्तानपुर तक दमदार रिकॉर्ड
आईपीएस बनने के बाद वे अमरोहा और सुल्तानपुर जैसे संवेदनशील जिलों में एसपी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल की प्रमुख विशेषताएं:
• अपराधियों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई
• जनता से सीधा संवाद और भरोसे की पुलिसिंग
• थानों में डिसिप्लिन और टेक्नोलॉजी का व्यापक इस्तेमाल
उनकी पहचान एक ऐसे अफसर के रूप में है जो फील्ड में रहकर नेतृत्व करते हैं, न कि सिर्फ फाइलों में।
✍️ “ज़ुबाने पुलिस – ज़ुबानी पुलिस” के लेखक
कुंवर अनुपम सिंह सिर्फ एक अफसर ही नहीं, बल्कि लेखक और विचारक भी हैं। पुलिस विभाग में संवाद और लेखन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने चर्चित पुस्तक
“ज़ुबाने पुलिस – ज़ुबानी पुलिस” लिखी है,जिसे पुलिस महकमे में काफी सराहना मिली है।
जौनपुर में अब हाईटेक और सख्त पुलिसिंग की उम्मीद उनकी तैनाती से जौनपुर में:
- अपराध पर कड़ी लगाम
- साइबर क्राइम पर टेक्नोलॉजी आधारित एक्शन
- थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही
- आम जनता से संवेदनशील और प्रोफेशनल व्यवहार
की मजबूत उम्मीद जताई जा रही है।
निष्कर्ष: जौनपुर को अब ऐसा कप्तान मिला है जो तकनीक, अनुभव और संवेदनशीलता—तीनों का संतुलन जानता है। पुलिस विभाग से लेकर आम नागरिक तक, सभी को उनसे आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी पुलिसिंग की बड़ी अपेक्षा






