असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजय दशमी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया

आईरा न्यूज़ नेटवर्क से विकास अग्रवाल की रिपोर्ट
नगीना। नगर व तहसील के ग्रामीण क्षेत्र में आज असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजय दशमी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास व पूजा-पाठ के साथ मनाया गया तथा बहनों ने अपने भाइयों के कान पर नोरतै ( उगाए गए जौ के पौधे) रखकर उनकी लंबी आयु व चारों दिशाओं में विजय प्राप्त करने की कामना की।

असत्य पर सत्य की जीत प्राप्त करने वाले विजयदशमी के त्योहार को नगर व तहसील क्षेत्र के ग्रामों में पूजा पाठ करते हुए बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस दिन सभी घरों पर अस्त्र-शस्त्रों की पूजा की गई तथा बहनों ने अपने भाइयों के कान पर नौरतन रखकर उनकी लंबी आयु के साथ-साथ चारों दिशाओं में विजय पताका फहराने की कामना की उसके पश्चात रामनगीना के रामलीला बाग स्थित लगने वाले दशहरा के मेले में आकर मां दुर्गा व जय मां काली के समक्ष प्रसाद चढ़ा कर आशीर्वाद लेते हुए विजयदशमी पर लगने वाले मेले का आनंद उठाया जहां दूर दराज से ट्रैक्टर ट्रॉली वह बैल बूटियों द्वारा आने वालों की भारी भीड़ सुबह से ही लगनी प्रारंभ हो गई थी रामलीला कमेटी द्वारा रावण वध का मंचन करते हुए शाम करीब 6:00 बजे रावण वध कर उसके पुतले में एसडीएम शैलेन्द्र कुमार, सीओ नगीना सुमित शुक्ला के द्वारा राम के तीर द्वारा आग लगाई गयी। तभी सभी दर्शकों ने श्री राम के जयकारे लगाये। इस अवसर पर सलिल अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल उर्फ आल्ले, हरिगोपाल अग्रवाल, कपिल अग्रवाल, विक्रांत अग्रवाल, तरुण अग्रवाल, प्रमोद चौहान, राजीव अग्रवाल, ओमपाल सैनी, शीतांशु अग्रवाल, अरुण शर्मा, लवि मित्तल, सौरभ मित्तल, मुकेश सैनी सहित दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उसके बाद मेले में आए सभी दर्शकों ने अपनी आवश्यकता अनुसार खरीदारी भी की।

मेले की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन चाक-चौबंद रहा तथा मेले के मार्ग को अवरुद्ध करते हुए दोनों ओर से रूट डायवर्ट कर किया गया। जिससे वाहनों को भारी असुविधा का सामना भी करना पड़ा। सुरक्षा की दृष्टि से सीओ सुमित शुक्ला व थाना प्रभारी प्रिंस शर्मा के निर्देशन में क्राइम प्रभारी किरण पाल सिंह, दरोगा कुलदीप राणा, नरेंद्र अग्निहोत्री, देवेंद्र कुमार व रवि कुमार सहित भारी पुलिस बल व पीएसी बल के साथ सुरक्षा और अराजक तत्वों पर अपनी दृष्टि पूरे दिन जमाए रहे वही उचक्कों द्वारा महिलाओं के गले से चेन स्नेचिंग की घटनाएं भी हुई।

















