व्हाट्सएप ग्रुप पर 75/200,57/200,18/100 ” श्रृंखला आखिर क्या है-प्लॉट नंबर,गणित का सवाल या फिर सट्टे का कोई नया फार्मूला..?
व्हाट्सएप ग्रुप पर 75/200,57/200,18/100 ” श्रृंखला आखिर क्या है-प्लॉट नंबर, गणित का सवाल या फिर सट्टे का कोई नया फार्मूला..?
स्योहारा, बिजनौर।
नगर में इन दिनों व्हाट्सएप ग्रुपों पर अचानक उभरते कुछ रहस्यमयी “नंबरों” ने लोगों के बीच चर्चा छेड़ दी है। 75/200, 57/200, 18/100 जैसे अंकों की यह श्रृंखला आखिर क्या है प्लॉट नंबर, गणित का सवाल या फिर सट्टे का कोई नया फार्मूला?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई साधारण नंबर नहीं, बल्कि कथित तौर पर सट्टे के रेट बताए जाते हैं, जो व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए खुलेआम साझा किए जा रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि जब किसी ने ग्रुप में सवाल उठाया कि “क्या रमजान में भी लॉटरी खेली जा रही है?”, तो जवाब आया कि “नहीं भाई, यह तो प्लॉट के नंबर हैं।”
अब सवाल यह उठता है कि अगर ये सचमुच प्लॉट के नंबर हैं, तो फिर इनके साथ 200, 100 और 50 जैसे “रेट” क्यों जुड़े हुए हैं? क्या स्योहारा में अब प्रॉपर्टी डीलिंग का नया गणित शुरू हो गया है, या फिर यह सट्टे की पुरानी किताब का नया अध्याय है?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर में लंबे समय से नंबरों के इस खेल की चर्चा रही है। फर्क बस इतना है कि पहले यह गुपचुप चलता था, और अब डिजिटल युग में व्हाट्सएप ग्रुपों तक पहुंच चुका है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल स्थानीय पुलिस प्रशासन की भूमिका को लेकर उठ रहा है। जब सोशल मीडिया पर खुलेआम ऐसे नंबर शेयर हो रहे हैं, तो क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ “नंबरों के खेल” की तरह ही चलता रहना है?
कानून के जानकार बताते हैं कि यदि इन नंबरों का संबंध सट्टेबाजी या जुए से है, तो यह जुआ अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आ सकता है। ऐसे में पुलिस का कर्तव्य बनता है कि मामले की जांच कर सच्चाई सामने लाए।
फिलहाल स्योहारा में चर्चा यही है कि
“यह नंबरों का खेल आखिर किसका है — प्रॉपर्टी का या सट्टे का?”
अब देखना यह है कि स्योहारा पुलिस इन “रहस्यमयी नंबरों” की गुत्थी सुलझाती है या फिर यह मामला भी व्हाट्सएप की हंसी-मजाक वाली चैट बनकर रह जाएगा।
























