साइबर क्राइम में बैंक के शाखा प्रबंधक की मिलीभगत,, सात लोगों पर मुकदमा

जसपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,साइबर फ्रॉड के दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने एचडीएफसी बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। दोनों मामलों में आरोपियों पर सुनियोजित तरीके से लाखों रुपये के साइबर फ्रॉड को अंजाम देने का आरोप है। पहले मामले के मुताबिक ग्राम भोगपुर निवासी चरणजीत सिंह ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि सुखदेव सिंह, रेशम सिंह पुत्र ज्ञान सिंह, जगरूप सिंह पुत्र बलवंत सिंह निवासीगण ग्राम भोगपुर तथा विक्की पुत्र चंद्रपाल निवासी ग्राम फतेहपुर, थाना रेहड़, जिला बिजनौर यूपी पर उसके डेढ़ लाख रुपये थे। आरोपियों ने उसे भरोसा दिलाया कि उसके खाते में चार लाख रुपये मंगवाए जाएंगे, जिसमें से वह अपने डेढ़ लाख काटकर शेष रकम उन्हें दे देगा। आरोप है कि आरोपियों ने साइबर फ्रॉड की रकम 8.21 लाख रुपये उसके पुत्र अमनजीत सिंह के एचडीएफसी बैंक एकाउंट में डलवा दी। खाते में अधिक रकम आने पर पीड़ित ने न तो राशि निकाली और न ही उसका उपयोग किया, बल्कि एकाउंट बंद कराने के लिए बैंक शाखा में प्रार्थना पत्र दे दिया। इसके बावजूद आरोप है कि आरोपियों ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक की मिलीभगत से उक्त रकम राजेंद्र सिंह पुत्र मेघा सिंह निवासी ग्राम फतेहपुर, थाना रेहड़ जिला बिजनौर यूपी के एकाउंट में ट्रांसफर कर विक्की के माध्यम से निकाल ली। उधर, दूसरे मामले के मुताबिक चेन्नई निवासी सुरेंद्र सिंह के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 31 लाख रुपये की ठगी का आरोप है। बताया गया कि मोहल्ला नई बस्ती निवासी अरमान पुत्र मदिनूर्रहमान और आलम पुत्र इस्लामुद्दीन ने साइबर फ्रॉड गैंग के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। इस प्रकरण में पांच लाख रुपये अरमान के खाते में आए थे। एसएसआई जावेद मलिक ने बताया कि दोनों मामलों में तत्कालीन शाखा प्रबंधक सहित सात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।























