किशोरी की हत्या के बाद ग्रामीणों ने किया हंगामा, पुलिस के छूटे पसीने

जसपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,,जसपुर के ग्राम पंचायत अमियावाला में उस समय सनसनी फैल गई जब 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी पलक की गन्ने के खेत में संदिग्ध हालातों में लहूलुहान शव बरामद हुआ। मासूम की निर्मम हत्या से पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। ग्रामीणों ने पहले शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने से रोक दिया और फिर सुभाष चौक पर जाम लगाकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
ग्राम पंचायत अमियावाला निवासी देवेंद्र सिंह की पुत्री पलक मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे घर से बाहर गई थी।
देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की।
खोजबीन के दौरान किशोरी गन्ने के खेत में खून से लथपथ पड़ी मिली।
परिजन आनन-फानन में उसे राजकीय चिकित्सालय जसपुर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मासूम की हत्या की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
पुलिस जब शव को पोस्टमार्टम हेतु ले जाने लगी, तो आक्रोशित भीड़ ने उसे रोक लिया।
हालात बेकाबू होने पर पुलिस ने किसी तरह शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
इसके बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा कम नहीं हुआ और उन्होंने अस्पताल परिसर से लेकर सुभाष चौक तक हंगामा किया।
ग्रामीणों ने मेन हाईवे जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ “मुर्दाबाद” के नारे लगाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ दीपक कुमार ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की। लेकिन भीड़ आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले मानने को तैयार नहीं थी। खबर लिखे जाने तक ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा।
मृतका के ताऊ ने कहा – “यह सिर्फ हत्या नहीं, बल्कि हमारी भतीजी के साथ दुष्कर्म के बाद हत्या की आशंका है। जब तक आरोपी जेल नहीं जाएंगे, हम शांत नहीं होंगे।”
उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, एक ग्रामीण महिला ने खुलासा किया कि मृतका के पिता पिछले चार साल से जेल में बंद हैं। ऐसे में परिवार की मासूम बच्ची पर वारदात होना बेहद पीड़ादायक है।
पलक की हत्या ने जसपुर क्षेत्र की कानून व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का साफ कहना है कि अगर आरोपियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो आंदोलन और उग्र होगा।























