काशीपुर-उत्तराखण्ड़

करोड़ों का पानी डकार गए सरकारी विभाग, जल संस्थान कों दिखाया ठेंगा, आर. टी. आई. मे हुआ खुलासा

IMG-20260127-WA0039
previous arrow
next arrow

काशीपुर / उत्तराखंड (रिज़वान अहसन ),,,,,आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अज़हर के द्वारा जल संस्थान से मांगी गई सूचना में बड़ा खुलासा हुआ है। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त अभिलेखों के अनुसार मार्च 2026 तक काशीपुर क्षेत्र में पानी के बिलों का कुल ₹4,38,06,758 बकाया (अवशेष) दर्ज है।जानकारी लेने से पता चला की बकाया राशि में आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ कई सरकारी विभाग भी प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो लंबे समय से भुगतान नहीं कर रहे हैं। जिनमे अधिशासी अभियन्ता, लोक निर्माण विभाग (PWD) – ₹1,00,450, कोतवाली काशीपुर –₹43,12,831, सेकेट्री क्लब काशीपुर– ₹49,211, पुलिस चौकी बाँसफोडान– ₹79,515, अधिशासी अभियन्ता, नगर पालिका काशीपुर – ₹19,24,012, पुलिस चौकी कटोराताल– ₹37,005, पुलिस उपाधीक्षक कार्यालय महेशपुरा– ₹58,962, अधिशासी अभियन्ता / सहायक अभियन्ता, सिंचाई विभाग– ₹4,59,545 एवं सेंट्रल वेयर हाउस– ₹58,794 राशि अवशेष है। इनके अतिरिक्त अन्य उपभोक्ताओं (घरेलू व विभिन्न श्रेणियों) पर भी बड़ी संख्या में बकाया राशि लंबित है, जिससे कुल अवशेष ₹4.38 करोड़ से अधिक पहुंच गया है।सूचना के अनुसार वर्ष 2005 से अब तक कुल 4978 जल संयोजन दर्ज हैं, जिनमें से 4127 कनेक्शनों पर बकाया लंबित है। वसूली के लिए विभाग द्वारा अब तक 2536 नोटिस जारी किए गए, लेकिन कनेक्शन विच्छेदन या कठोर कार्रवाई का विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया।वर्ष 2021 से अब तक 715 शिकायतें प्राप्त होने के बावजूद कई महत्वपूर्ण सूचनाएं “अभिलेखों में उपलब्ध नहीं” बताई गईं, जिससे विभागीय रिकॉर्ड प्रबंधन और पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।आरटीआई कार्यकर्ता आसिम अज़हर ने कहा कि जब सरकारी विभाग ही भुगतान में लापरवाही कर रहे हैं, तो यह न केवल राजस्व हानि है बल्कि व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि मार्च 2026 तक लंबित इस करोड़ों रुपये के बकाये की वसूली के लिए प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है।

RIZWAN AHSAN

100% LikesVS
0% Dislikes

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button