किशोरी से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी राजीव चढ़ा पुलिस के हाथ, कबूला जुर्म

जसपुर /उत्तराखंड (रिज़वान अहसन),,,, जसपुर क्षेत्रान्तर्गत ग्राम अमियावाला में हुई नाबालिग से दुष्कर्म व हत्या की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने मात्र 12 घंटे में खुलासा कर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर खून से सना धारदार ब्लेड और कपड़े भी बरामद किए हैं आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया है। बता दे की 16 सितंबर की शाम गाँव की एक नाबालिग किशोरी पशुओं के लिए गन्ने का छिलका लेने घर से निकली थी। इसी दौरान गाँव का ही युवक राजीव पुत्र मोहन सिंह (उम्र 20 वर्ष) निवासी ग्राम अमिया वाला कोतवाली जसपुर उधम सिंह नगर ने उसका पीछा करता हुआ खेत तक पहुँच गया।आरोपी ने पहले किशोरी को जबरन खेत में पकड़ कर उसके साथ दुष्कर्म किया।विरोध करने परआरोपी ने उसका हाथ तोड़ दिया, गला दबाकर बेहोश किया और धारदार ब्लेड से चेहरे व पेट पर कई वार कर उसकी हत्या कर दी। और मौके से फरार हो गया। पुलिस ने किशोरी का शव घर से करीब 150 मीटर दूर गन्ने के खेत में पड़ा मिला। नाबालिग की हत्या की वारदात से पूरे गाँव में कोहराम मच गया और ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकारी अस्पताल से लेकर जसपुर के सुभाष चौक तक विरोध प्रदर्शन किया और कठोर कार्रवाई की माँग की।
मृतका की माँ की तहरीर पर एफआईआर संख्या 405/25 धारा 103(1)/64(1) BNS व पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकान्त मिश्रा ने तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर 10 पुलिस टीमों का गठन किया। एसपी अपराध सुश्री निहारिका तोमर, एसपी काशीपुर अभय प्रताप सिंह और सीओ दीपक सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की।
डॉग स्क्वॉड का “टाइगर” घटनास्थल से आरोपी के घर तक पहुँचा और उसके कपड़ों पर इशारा किया। यह सुराग निर्णायक साबित हुआ। आरोपी राजीव ने पहले पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन वैज्ञानिक साक्ष्यों और पूछताछ के दबाव में टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपी की निशानदेही पर बरामदगी
✔ खून से सना धारदार ब्लेड
✔ खून आलूदा कपड़े
✔ घटनास्थल से जुटाए फोरेंसिक साक्ष्य
आरोपी का आपराधिक इतिहास गिरफ्तार आरोपी राजीव पुत्र मोहन सिंह पूर्व में भी अपराधों में लिप्त रहा है। दिनांक 19 अगस्त 2025 को उस पर एफआईआर संख्या 351/25 धारा 115(2)/351(2)/352 BNS के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस जांच में पाया गया कि उसने झूठे तरीके से खुद को घायल दिखाकर दूसरों को फंसाने की कोशिश की थी।
कोतवाली जसपुर पुलिस ने चौकी इंचार्ज धर्मपुर उपनिरीक्षक के.सी. आर्य की सतर्कता, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से 12 घंटे के भीतर इस जघन्य अपराध का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
इस खुलासे में निम्न अधिकारी एवं टीमें शामिल रहीं— क्षेत्राधिकारी काशीपुर – श्री दीपक सिंह
प्रभारी निरीक्षक– श्री राजेन्द्र सिंह डांगी, श्री रवि सैनी, श्री हरेन्द्र चौधरी, एसओजी प्रभारी निरीक्षक – श्री संजय पाठक, थाना प्रभारी– श्री कुन्दन सिंह रौतेला, श्री प्रदीप कुमार मिश्रा
, श्री रविन्द्र बिष्ट , फोरेंसिक फील्ड यूनिट प्रभारी – श्री सत्यप्रकाश रायपा साथ ही विवेचक म0उ0नि0 रुचिका चौहान व पुलिस कर्मी— व0नि0 जावेद मलिक, व0उ0नि0 अनिल जोशी, उ0नि0 के0सी0 आर्य, उ0नि0 गोविन्द सिंह मेहता, उ0नि0 इन्द्र सिंह ढेला, उ0नि0 संतोष देवरानी, उ0नि0 सुशील कुमार, उ0नि0 हरीश आर्य, हे0का0 नवीन प्रकाश, हे0का0 गणेश राम, का0 अरुण कुमार, का0 अब्दुल मलिक, का0 प्रविन्दर, का0 कुलदीप, का0 हेमचन्द्र फुलारा, का0 समीर, का0 कपिल, एसओजी-का0 कैलाश तोमक्याल, हे0का0 दीपक , हे0का0 रविन्द्र , का0 नीरज शुक्ला, का0 पंकज बिनवाल, काo राजेंद्र आदि ने अहम भूमिका निभाई है।























